लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, सुरक्षा, शिक्षा, कृषि, परिवहन और रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में प्रान्तीय रक्षक दल (पीआरडी) स्वयंसेवकों का ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने का निर्णय लिया गया। 30 दिन की ड्यूटी करने पर स्वयंसेवकों को प्रतिमाह 3,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इसके साथ ही पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत प्रति परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। वर्तमान में पंजीकृत 31,130 स्वयंसेवकों के लिए इस योजना पर करीब 9.34 करोड़ रुपये वार्षिक वित्तीय भार अनुमानित है।

मंत्रिपरिषद ने 15.172 किलोमीटर लंबे छह लेन चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 1,008.67 करोड़ रुपये की संशोधित लागत को मंजूरी दी। यह एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को चित्रकूट से जोड़ेगा, जिससे आवागमन सुगम होने के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत खिलौना विनिर्माण क्लस्टरों के विकास, नई इकाइयों की स्थापना, तकनीकी उन्नयन तथा पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्यांचल में निवेश को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
प्रदेश के अभियंत्रण विभागों में कार्यों के त्वरित निष्पादन के लिए अभियंताओं के वित्तीय अधिकारों की सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया। सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ और बढ़नी तथा हरदोई के सवायजपुर में बस स्टेशन निर्माण के लिए राजस्व विभाग की चिन्हित भूमि परिवहन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई। निजी क्षेत्र में स्वचालित परीक्षण स्टेशन स्थापित करने के लिए नवीन राज्य नीति-2026 को भी स्वीकृति मिली। इससे वाहनों की फिटनेस जांच स्वचालित और पारदर्शी तरीके से करने की व्यवस्था विकसित होगी।
बेसिक शिक्षा परिषद के करीब 14,429 प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब स्थापित की जाएंगी। मथुरा की छाता शुगर कंपनी की करीब 20 एकड़ भूमि पर निजी निवेश के माध्यम से न्यूनतम 120 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता का एथेनॉल संयंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
पूर्वांचल में वर्ल्डफिश उत्तर प्रदेश फिशरीज प्रोजेक्ट सेंटर योजना के संचालन के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी गई। गोरखपुर में प्रस्तावित केंद्र से गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उत्पादन, प्रशिक्षण, अनुसंधान और मत्स्यपालकों की आय बढ़ाने पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को छह लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराने के लिए सहकारी ग्राम विकास बैंक को पांच वर्षों में कुल 384 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
उचित दर विक्रेताओं को खाद्यान्न वितरण पर 25 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त मार्जिन देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। इस पर एक वित्तीय वर्ष में करीब 225 करोड़ रुपये का व्यय भार अनुमानित है। अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए मिल्कीपुर तहसील के पूरे लालखां में 26 हेक्टेयर भूमि गृह मंत्रालय को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। भूमि का बाजार मूल्य करीब 16.90 करोड़ रुपये है।
पूर्व अग्निवीरों को जेल वार्डर और प्रवर्तन सिपाही (परिवहन) की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तथा अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने को मंजूरी दी गई। लखनऊ की एपीआईएल हाईटेक टाउनशिप परियोजना को पूरा करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण को एनसीएलटी के समक्ष पक्ष रखने और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है। इससे करीब 5,000 होमबायर्स की समस्या के समाधान का रास्ता खुल सकता है।
इसके अलावा 10 वर्ष तक की अवधि वाले किरायेदारी और पट्टा विलेखों पर स्टाम्प शुल्क एवं रजिस्ट्रीकरण फीस में राहत देने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत लखनऊ, उन्नाव-शुक्लागंज और रायबरेली विकास प्राधिकरणों की परियोजनाओं के लिए 655.76 करोड़ रुपये तक की सीड कैपिटल मंजूर की गई है। इसकी प्रथम किस्त के रूप में 380 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।

