उत्तर प्रदेश

विश्व के सबसे बड़े स्कूल cms के संस्थापक जगदीश गांधी का निधन

लखनऊ। CMS के संस्थापक प्रबंधक जगदीश गांधी का निधन हो गया है। उनका लखनऊ के मेदांता अस्पताल में 25 दिन से इलाज चल रहा था। डॉ गांधी ने रविवार रात 1 बजे अंतिम सांस ली।

कार्डियक अरेस्ट के बाद ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी के चलते उन्हें 28 दिसंबर को मेदांता में भर्ती कराया गया था, तभी से उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट रखा गया था।

फिलहाल उनके परिवार के सदस्य देश से बाहर हैं। उन्हें सूचना भेज दी गई हैं। मंगलवार को उनके पार्थिव शव को CMS गोमतीनगर एक्सटेंशन कैंपस में रखा जाएगा। उसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

डॉ. जगदीश गांधी का जन्म एक किसान परिवार में अलीगढ़ जनपद के ग्राम बरसौली में 10 नवम्बर 1936 को हुआ। उनकी माता बासमती देवी एक धार्मिक महिला थीं। उनके पिता फूलचंद्र अग्रवाल गांव के लेखपाल थे।

कहा जाता हैं कि डॉ.जगदीश गांधी बचपन से ही महात्मा गांधी की सत्य, अहिंसा, सेवा, सादगी और सर्व-धर्म समभाव से प्रभावित थे। 30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी की हत्या की खबर सुनकर जगदीश प्रसाद अग्रवाल का मन विचलित हो गया।

उस समय वे कक्षा 6 के छात्र थे। उसके बाद जगदीश ने अपने पिता की सहमति से स्कूल के प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर अपना नाम ‘जगदीश प्रसाद अग्रवाल’ से बदलकर जगदीश गांधी करने का निवेदन किया।

डॉ.जगदीश गांधी ने जुलाई 1955 में लखनऊ विश्वविद्यालय में बी.काम में एडमिशन लिया था। विश्वविद्यालय के नजदीक ही गोमती नदी के किनारे बने एक मन्दिर में रूके। रोजमर्रा के खर्चे पूरे करने के लिए उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया।

इसके बदले में वे बच्चों से रोटी लिया करते थे। इसके साथ ही उन्होंने अखबार बेचकर भी अपनी पढ़ाई और खाने-पीने की व्यवस्था की। साल 1957 के लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव में उपाध्यक्ष चुने गए।

1958 में एमकॉम द्वितीय वर्ष के छात्र रहते हुए लखनऊ यूनिवर्सिटी छात्र संघ के ‘अध्यक्ष’ चुने गए। डॉ.गांधी के आमंत्रण पर छात्र संघ के शपथ ग्रहण समारोह में तत्कालीन प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।

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