Tuesday, November 3, 2026
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गोण्डा में 520 करोड़ की 69 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। डबल इंजन सरकार विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक जनपद और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। अकेले गोण्डा में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक और देवीपाटन मंडल में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
मुख्यमंत्री सोमवार को गोण्डा की मनकापुर और गौरा विधानसभा क्षेत्रों में 520 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 69 विकास एवं जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, प्रमाण पत्र और सामग्री वितरित की। बच्चों का अन्नप्राशन कराने के साथ महिलाओं की गोदभराई भी की और प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब दस वर्ष पहले गोण्डा से देवीपाटन स्थित मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ पहुंचने में ढाई से तीन घंटे लगते थे। सड़कों की स्थिति खराब थी, असुरक्षा का माहौल था, विकास कार्य ठप थे और युवाओं के सामने रोजगार का संकट था। किसानों, बेटियों और व्यापारियों की स्थिति भी चिंताजनक थी। गोण्डा, बलरामपुर और श्रावस्ती देश के पिछड़े जिलों में गिने जाते थे। वर्ष 2016 के स्वच्छ सर्वेक्षण में गोण्डा देश के सबसे गंदे शहरों में शामिल था।

उन्होंने कहा कि गोण्डा की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान गौरवशाली है। यह महाराजा सुहेलदेव के शौर्य, मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी महाराजा देवी बख्श सिंह की धरती है। इसी क्षेत्र से महर्षि पतंजलि की योग परंपरा आगे बढ़ी और गोस्वामी तुलसीदास को रामकथा की प्रेरणा मिली।
योगी ने कहा कि पहले पर्व और त्योहारों के दौरान उपद्रव होते थे और धार्मिक आयोजनों में बाधाएं आती थीं। अब प्रदेश में सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जा रहे हैं। इस वर्ष नवरात्रि में पूरे प्रदेश में 67 हजार मूर्तियां स्थापित की गईं और सभी आयोजन उत्साह के साथ संपन्न हुए।
उन्होंने कहा कि गोण्डा में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज और विश्वविद्यालय की स्थापना विकास की नई तस्वीर प्रस्तुत करती है। गोण्डा में महाराजा देवी बख्श सिंह और बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं, जबकि बलरामपुर में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण जारी है। बलरामपुर-गोण्डा और गोण्डा-अयोध्या मार्ग के चौड़ीकरण को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 की यूपी इन्वेस्टर्स समिट में गोण्डा के लिए तीन हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इनमें से कई परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। पराली और गोबर से भी किसानों को आमदनी दिलाने के लिए कम्प्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब विकास में किसी तरह का भेदभाव नहीं होता। गरीबों को मुफ्त राशन, रसोई गैस और आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जा रही है। आयुष्मान कार्ड की धनराशि कम पड़ने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से उपचार के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

योगी ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। पहले गोण्डा के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी सपना हुआ करती थी, लेकिन अब यह हकीकत बन रही है। अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। प्रदेश में अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। इसी सप्ताह साढ़े चार हजार सब-इंस्पेक्टरों और दीपावली के बाद 35 हजार पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके बाद 42 हजार होमगार्डों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए भी विशेष भर्ती अभियान चल रहा है। देश के लिए पदक लाओ और पद पाओ की नीति के तहत ओलंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पुलिस और अन्य विभागों में नियुक्तियां दी जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, वन और कारागार विभाग सहित अन्य विभागों में उन्हें अवसर मिलेगा। उनके प्रशिक्षण और अनुभव को देखते हुए सीधी भर्ती की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण और बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। सरकार का प्रयास है कि गोण्डा के युवाओं को रोजगार के लिए बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली न जाना पड़े, बल्कि उन्हें अपने जिले में ही नौकरी मिले। उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
योगी ने कहा कि सरकार धार्मिक और आस्था से जुड़े स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर, स्वामीनारायण मंदिर छपिया और बाराही देवी मंदिर के पुनरुद्धार, सुंदरीकरण और संपर्क मार्गों के विकास के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सात नवंबर को अयोध्या में दीपोत्सव और आठ नवंबर को दीपावली के अवसर पर सभी से आयोजन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर और आसपास के किसी आस्था केंद्र पर दीप जलाए तथा किसी गरीब परिवार को भी दीपक और दीपावली का उपहार दे। दलित बस्ती, मलिन बस्ती, कमजोर वर्ग और दिव्यांगजनों के घर जाकर उपहार देने से त्योहार की खुशियां सबके साथ साझा होंगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास हुआ है। सड़क, बिजली, सुरक्षा, गरीब कल्याण, महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में व्यापक सुधार हुआ है। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य अवधेश कुमार सिंह ‘मंजू सिंह’, विधायक रमापति शास्त्री, प्रभात कुमार वर्मा, प्रेम नारायण पाण्डेय, अजय सिंह और विनय कुमार द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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