लखनऊ : 29 मार्च, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जा रहा है, यह प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ मेरिट तथा आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए सम्पन्न हो रही है। इसका परिणाम है कि कहीं भी किसी भी प्रकार का कोई व्यवधान नहीं है। माननीय न्यायालय का किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं है। नौजवानों में कोई अनरेस्ट नहीं है।

मुख्यमंत्री आज यहाँ लोक भवन में डॉ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नवचयनित 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी होती है, तो उसके परिणाम भी हम सबको देखने को मिलते हैं। उत्तर प्रदेश देश की सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। यहां 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। विगत 09 वर्षों में हमने प्रदेश में 09 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। किसी भी चयन प्रक्रिया की शुचिता व पारदर्शिता पर विरोधी भी प्रश्न नहीं उठा सकते हैं, जबकि वर्ष 2017 के पहले सभी नियुक्ति प्रक्रियाएं बाधित थी। वर्ष 2017 के पहले भी यह नियुक्तियां पारदर्शिता से सम्पन्न हो सकती थीं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह 09 लाख नया मैनपावर प्रतिभाशाली और नयी ऊर्जा से भरपूर हैं। इसका लाभ यह हुआ है कि जो राज्य बीमारू था, आज वह देश की इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन बन गया है। जिस राज्य के पास पहले वेतन देने के लिए पैसे नहीं थे, आज वह रेवेन्यू सरप्लस स्टेट हो गया है। जो राज्य देश की आबादी में सबसे पहले पायदान पर था, लेकिन प्रति व्यक्ति आय में सबसे नीचे खड़ा था, आज वह राज्य देश में टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और अपनी प्रति व्यक्ति आय तथा अर्थव्यवस्था को वर्ष 2016 की तुलना में तीन गुना बढ़ाने में सफल हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी प्रतिभा का सम्मान होगा और उसे प्लेटफॉर्म प्राप्त होगा, तो उसका लाभ राज्य और देश को भी मिलेगा। विगत 09 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा और उनके मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने उसी भाव से कार्य किया है। जीरो टॉलरेंस की हमारी नीति केवल अपराध और अपराधियों के प्रति ही नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचार के प्रति भी है। हमारी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर पहले दिन से ही चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक भर्ती बोर्ड और आयोग को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भर्ती में किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर ऐसी कठोर कार्यवाही की जाएगी, जो नजीर बने। बड़ी कार्यवाही इसलिए की जाती है कि उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट न खड़ा हो। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता हो तथा किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप न हो, इसे ध्यान में रखकर पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इसी का परिणाम है कि हम लगातार विभिन्न नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों से जुड़ रहे हैं।

यह नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम इस बात को भी दर्शाता है कि शासन की निगाह चयन के प्रत्येक स्तर पर है, जिससे प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जा सके। यदि वर्ष 2017 से पहले यह नियुक्ति प्रक्रिया सम्पन्न हुई होती, तो आप में से किसी की नियुक्ति नहीं होती। क्योंकि बहुत लोगों के अभिभावकों के पास अनैतिक तरीके से नियुक्ति पाने के लिए पैसा नहीं होगा। प्रत्येक योग्य अभ्यर्थी का अधिकार है कि उसकी उसकी योग्यता के अनुसार कार्य मिले।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले यह माना जाता था कि अस्पताल की बिल्डिंग बन जाए और डॉक्टर की नियुक्ति हो जाए, तो स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जाएंगी। लेकिन हमारा मानना है कि डॉक्टर सलाह देता है, जबकि चिकित्सीय सेवा की बैकबोन तो नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिक्स है। यदि अच्छा व प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ है, तो चिकित्सा सेवाएं सुगमता से आगे बढ़ेंगी। वर्ष 2017 के पूर्व इस दिशा में ध्यान नहीं दिया गया। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या कम थी। वर्ष 2017 से पहले स्वास्थ्य सुविधाएं भी भगवान भरोसे थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डॉ0 राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने काफी तेजी से अपनी पहचान बनायी है। वर्ष 2017 में लोहिया संस्थान शिशु अवस्था में था। वर्ष 2017 के उपरान्त संस्थान में एम0बी0बी0एस0 की पढ़ाई शुरू की गयी और हॉस्पिटल को अपग्रेड करने के कार्य को आगे बढ़ाया। यह संस्थान मॉडर्न टर्शियरी हेल्थकेयर के बेहतरीन केन्द्र के रूप में विकसित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पहचान संकट के समय होती है। जो व्यक्ति संकट के समय साथ नहीं खड़ा होता है, वह कभी साथ नहीं होता। ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है। कोरोना संकट के दौरान पूरी मानवता खतरे में थी। बहुत से संस्थान अपना पल्ला झाड़कर भाग रहे थे। उस समय लखनऊ के 03 संस्थान एस0जी0पी0जी0आई0, के0जी0एम0यू0 और आर0एम0एल0 संकट से मुकाबला कर रहे थे। उत्तर प्रदेश में कोरोना का सामना करने के लिए इन संस्थानों के विशेषज्ञों की एक टीम 11 बनायी गयी थी। इन्होंने पूरे प्रदेश में वर्चुअल आई0सी0यू0 प्रारम्भ करवाए। यह संस्थान संकट के समय खड़े हुए थे, इसलिए सरकार भी पूरी तरह से इनका सहयोग कर रही है। इन संस्थानों ने अच्छा कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का पहला गामा नाइफ आर0एम0एल0 संस्थान में लग चुका है। रोबोटिक सर्जरी में इसका अग्रणी स्थान है। अब तक संस्थान में 350 से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी हो चुकी हैं। संस्थान एक प्रोग्रेसिव एप्रोच के साथ आगे बढ़ रहा है, जो इसकी पहचान बनी है। सरकार प्रत्येक उस संस्थान के साथ खड़ी है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं। आई0आई0टी0 कानपुर को मेडटेक के लिए एक सेण्टर ऑफ एक्सिलेन्स उपलब्ध कराया जा रहा है। एस0जी0पी0जी0आई0 व के0जी0एम0यू0 में भी इसी प्रकार के विभिन्न कार्य प्रारम्भ हुए हैं। सरकार फ्रण्टफुट पर रहकर इन कार्यां को आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्सिंग के पेशे में महिलाओं को अधिक संख्या में आना चाहिए, क्योंकि कुछ फील्ड ऐसे होते हैं, जहां उनकी दक्षता होती है। जो नर्सिंग कॉलेज पूर्व में बन्द हो चुके थे, वह पुनः संचालित किये गये हैं। 31 बन्द नर्सिंग कॉलेजों को यह सरकार नये सिरे से संचालित कर रही है। आने वाले समय में इससे अच्छे नर्सिंग प्रोफेशनल मिल सकेंगे। नर्सिंग प्रोफेशनल्स को केवल अपनी प्रोफेशनल एफिशिएन्सी नहीं देखनी है। प्रोफेशनल ऐफिशिएन्सी के साथ-साथ इनकी सबसे बड़ी पहचान ह्यूमन टच भी है। इस पहचान को आगे बढ़ाना है। सरकार की अपेक्षा है कि यह प्रोफेशनल्स बिना रुके व बिना डिगे मेहनत एवं संवेदनशीलता के साथ संस्थान को नई ऊँचाईयों पर ले जाएंगे तथा संस्थान को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनाने में योगदान करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने प्रत्येक क्षेत्र में विकास किया है। प्रदेश के नौजवान पहचान के संकट से मुक्त हुए हैं। कल प्रधानमंत्री जी ने एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का लोकार्पण जेवर में किया है। इसे उत्तर प्रदेश सरकार ने बनाया है। सबसे बड़ी आबादी के अनुरूप ही हमने कार्य भी सबसे बड़ा किया है। जब यह एयरपोर्ट पूर्ण रूप से क्रियाशील हो जाएगा, तो 01 लाख नौजवानों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। जिस जगह यह एयरपोर्ट बना है, पहले वह क्षेत्र उत्तर प्रदेश की क्राइम कैपिटल के रूप में जाना जाता था। डबल इंजन सरकार की स्पीड तथा दृढ़ इच्छाशक्ति से हम उस क्षेत्र को उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया में निवेश के बेस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सफल हुए हैं। आज देश व दुनिया का हर बड़ा संस्थान वहां निवेश करने के लिए इच्छुक है। जेवर एयरपोर्ट वर्ष 2017 के पहले भी बन सकता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, टॉय पार्क तथा एपैरल पार्क का निर्माण हो रहा है। वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटीज़ आ रही हैं। विगत दिनों प्रधानमंत्री जी ने उत्तर भारत की सबसे बड़ी सेमीकण्डक्टर यूनिट का शिलान्यास भी उसी क्षेत्र में किया है। सेमीकण्डक्टर आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके बिना किसी चीज़ की कल्पना नहीं की जा सकती है। अब वह सेमीकण्डक्टर भी उत्तर प्रदेश में बनेगा। वर्ष 2017 के पहले कोई इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता था। यह कार्य पहले इसलिए नहीं हो पाए, क्योंकि इसके बारे में कोई सोच नहीं थी, कार्य करने की इच्छाशक्ति नहीं थी, नीयत साफ नहीं थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में गल्फ वॉर के कारण दुनिया के सामने अनेक संकट चल रहे हैं। अस्थिरता का माहौल है। अनेक देशों में इमरजेंसी लागू हो गयी है। लोगों में संशय का माहौल है। अनेक देशों में कार्य करने के घण्टे और वेजेज़ को कम करना प्रारम्भ कर दिया गया है, क्योंकि उनकी इकोनॉमी पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। अमेरिका जैसे देशों में, जिनकी खाड़ी के देशों पर निर्भरता कम है, वहां भी पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान छू रहे हैं। भारत के पड़ोसी देशों की भी हालत खराब है। ऐसे में भी दुनिया में भारत एकमात्र ऐसा देश है, जो बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके लगातार अपनी यात्रा को मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहा है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि भारत के पास प्रधानमंत्री जी के रूप में एक विजनरी लीडरशिप मौजूद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में जहां एक ओर पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री जी ने आपूर्ति को तो सुगम बनाया ही, साथ ही पेट्रोलियम उत्पादों के दाम नियंत्रित करने के लिए उस पर लगने वाली एक्साइज़ ड्यूटी को कम करके देश की 145 करोड़ जनता को राहत दी है। यह कार्य अकेले में भारत में हुआ है, दुनिया में कहीं भी नहीं हुआ। इसका लाभ किसी पार्टी अथवा वर्ग विशेष के लोगों को ही नहीं मिल रहा है, बल्कि पूरे भारत को मिल रहा है। एक अच्छी सरकार बिना भेदभाव इसी प्रकार सबको योजनाओं का लाभ देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में चुनौती पूरे विश्व के सामने है। ऐसे समय में हमारा यह कर्तव्य है कि हम किसी अफवाह पर ध्यान न दें, बल्कि देश के नेतृत्व द्वारा दिखाए जा रहे मार्ग का अनुसरण करें। सरकार आपके साथ है। हमें भी सरकार के साथ चलते हुए चुनौती का सामना करना होगा। कोविड जैसी महामारी के दौरान भी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देशवासियों को वैक्सीन उपलब्ध करायी गयी तथा अन्य प्रकार की सुविधाएं दीं गयीं। जब देश की लीडरशिप फ्रन्टफुट पर रहते हुए हमें सम्बल दे रहा हो, तब हमें अफवाह फैलाने वालों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। हमें सामूहिक रूप से संकट का सामना करना होगा, यही हमारी राष्ट्रभक्ति और दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिनों वह भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एक गांव गए थे, जहां गत वर्ष एक नाव दुर्घटना के कारण कुछ लोगों की दुखद मृत्यु हो गयी थी। यह गांव नदी तथा घने जंगल से घिरा है। यहां जलीय जीव, मगरमच्छ, अजगर, जहरीले सांप, हाथी, तेंदुए, बाघ आदि हिंसक जानवर थे। इन हिंसक जानवरों के बीच 500 आपदा प्रभावित लोग रहने के लिए मजबूर थे। अब इन सभी लोगों के पुनर्वास के लिए हमने बहराइच में भूमि उपलब्ध करायी है। पुनर्वासित परिवारों में दलित, पिछड़ी जाति और जनजातीय समुदाय से जुड़े लोग सम्मिलित हैं। पुनर्वासित परिवारों के लिए एक-एक आवास, भूमि के पट्टे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्हें शासन की अन्य सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। यह कार्य पहले भी हो सकते थे, लेकिन पहले की सरकार के पास संवेदना ही नहीं थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उन्हें गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में साइबर फॉरेन्सिक लैब का उद्घाटन करने का अवसर प्राप्त हुआ है। साइबर क्राइम वर्तमान में देश और दुनिया की एक बड़ी समस्या है। प्रतिदिन साइबर अपराधों में बढ़ोत्तरी हो रही है। वर्ष 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश में सिर्फ एक साइबर थाना था। वर्ष 2017 के पश्चात प्रदेश के सभी जनपदों में एक-एक साइबर थाने तथा सभी थानों में एक-एक साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना की गई। साइबर सम्बन्धी ट्रेनिंग भी कराई गई।
पहले प्रदेश में सिर्फ 02 फॉरेंसिक लैब थीं। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा ‘ए’ ग्रेड की 12 फॉरेंसिक लैब बनाई गईं तथा 06 फॉरेंसिक लैब निर्माणाधीन हैं। प्रत्येक जनपद में दो-दो फॉरेंसिक मोबाइल वैन भी उपलब्ध करायी गयी हैं। प्रदेश में फॉरेंसिक क्षेत्र में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध हो सकें, इसके लिए लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस की स्थापना की गई। आज इस इंस्टीट्यूट में डिग्री, डिप्लोमा तथा सर्टिफिकेट जैसे कोर्सेज संचालित किए जा रहे हैं।
प्रत्येक सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह योग्यता के अनुसार कार्य दे। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा 09 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं, जबकि एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र में 03 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। पहले यह लोग पलायन करने के लिए मजबूर थे। आज यह लोग अपने ही जनपद में कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में निवेशकों के लिए सुरक्षा के माहौल से राज्य को बड़े निवेश प्राप्त हुए हैं। इससे 60 लाख से अधिक नौजवानों को प्रदेश में ही स्थापित उद्योगों में रोजगार प्राप्त हुआ है। आज उत्तर प्रदेश में देश के 55 प्रतिशत मोबाइल तथा 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट की मैन्युफैक्चरिंग की जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वह आस्था में विश्वास करते हैं, सबकी आस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन अंधविश्वास को नहीं मानते। मुझे यह बताया गया कि नोएडा नहीं जाना चाहिए, क्योंकि वहां मुख्यमंत्री नहीं जाते हैं। यह माना जाता था कि वहां जाने वाला मुख्यमंत्री अपना पद खो देता है, लेकिन मैं नोएडा गया। नोएडा में बिल्डर एवं बायर्स के मध्य 04 लाख मामले विवादित थे। हमने बायर्स की समस्या को दूर करने के लिए नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की कार्य पद्धति को ठीक किया। भ्रष्ट तत्वों को बाहर कर रिफॉर्म किए। यहां चार लाख लोगों को मकान दे चुके हैं। जो अथॉरिटी पहले कर्ज में थी, आज उनके पास 6,000 करोड़ रुपये का सरप्लस है। आज विश्व का सबसे अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर और सबसे अच्छा इन्वेस्टमेंट भी इसी क्षेत्र में है।
उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में बहुत बदलाव आए हैं। प्रदेश में कानून का राज है। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षित हाथों में है। प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से नौकरियां प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश सरकार निरंतर मेडिकल एजुकेशन को आगे बढ़ा रही है। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज, पैरामेडिकल कॉलेज भी खोले जाएं, इस सम्बन्ध में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। अच्छे नर्सिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं।
चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि एस0जी0पी0जी0आई0, के0जी0एम0यू0 के साथ ही, डॉ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान प्रदेश का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान है। इस संस्थान से जुड़ना अपने आप में प्रतिष्ठा का विषय है। नर्सिंग अधिकारी का पद अत्यन्त महत्वपूर्ण है। आपको अपने सम्पूर्ण कार्यकाल में अनेक मरीजों की सेवा का अवसर मिलेगा।
नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों ने अपने अनुभव व्यक्त करते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्री जी के कर-कमलों से नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें बहुत खुशी मिल रही है। विगत वर्षों में उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। हमारा चयन पूर्ण पारदर्शिता व निष्पक्षता से आयोजित परीक्षा के माध्यम से हुआ है। हम सभी अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करने के लिए तत्पर हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य श्री अमित कुमार घोष, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति मेजर जनरल डॉ0 अमित देवगन, डॉ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो0 डॉ0 सी0एम0 सिंह, के0जी0एम0यू0 की कुलपति प्रो0 सोनिया नित्यानन्द तथा नवचयनित नर्सिंग अधिकारी उपस्थित थे।

