Monday, March 9, 2026
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मुख्यमंत्री ने रोजगार महाकुम्भ-2026 (पिंक एडिशन)तथा ’रोजगार संगम पोर्टल’ मोबाइल ऐप का शुभारम्भ किया

लखनऊ : 08 मार्च, 2026

     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कहते हैं कि आधी आबादी को नजरअंदाज कर कोई समाज स्वावलम्बी नहीं हो सकता। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कदम उठाये। इसमें ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना तथा ‘मातृ वंदना योजना’ जैसी अनेक योजनायें सम्मिलित हैं। इन योजनाओं के दम पर देश व प्रदेश की बेटियां स्वावलम्बन के मार्ग पर आगे बढ़ रही हैं। आज का यह समारोह नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन का प्रतीक है। अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इससे अच्छा दूसरा आयोजन नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री आज यहाँ इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने ’रोजगार संगम पोर्टल’ मोबाइल ऐप का शुभारम्भ, श्रम विभाग द्वारा सेवायोजित तथा नवनियुक्त मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र वितरण तथा उत्कृष्ट महिला कार्मिकों, बाल विवाह की रोकथाम के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली बालिकाओं, राजकीय बाल गृहों की मेधावी बालिकाओं को सम्मानित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की लाभार्थी बालिकाओं को चेक प्रदान किए। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बीमा प्रीमियम और साड़ी/वर्दी हेतु 38 करोड़ 49 लाख रुपये की धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में अन्तरित की। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं एवं सेवा मित्रों को यूनिफॉर्म का वितरण किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रतीकात्मक आयुष्मान कार्ड वितरित किए। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी मण्डल के जनपद वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर की विभिन्न महिला केंद्रित योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री जी ने रोजगार महाकुम्भ-2026 (पिंक एडिशन) का शुभारम्भ कर इसका अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने 50 वर्षों के कालखण्ड के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कारण आये परिवर्तनों पर आधारित पुस्तिका ‘आत्म मन्थन’, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में मुख्य सेविकाओं के प्रशिक्षण हेतु उठाये गये कदमों पर आधारित ‘सारथी’ तथा उदिता फाउण्डेशन की पुस्तिका ‘नवदिशा ’का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जी के ‘5-टी’ विजन को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। ट्रेडीशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी और ट्रस्ट जब एक साथ मिलते हैं, तब ट्रांसफार्मेशन होता है। जब विरासत का सम्मान होता है, तब विकास स्वयं ही अपना रास्ता तैयार कर लेता है। कार्य में ट्रांसपेरेंसी होनी चाहिए, पिक एण्ड चूज नहीं होना चाहिए। जब यह चीजें होंगी, तो जनता में विश्वास उत्पन्न होता है। आत्मविश्वास ही परिवर्तन का कारण बनता है। उत्तर प्रदेश ‘5-टी’ का मॉडल बना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नारी सुरक्षित है, तो समाज सुरक्षित है। नारी का सम्मान है, तो समाज का सम्मान है। नारी यदि स्वावलम्बन की ओर अग्रसर हो रही है, तो सम्पूर्ण समाज स्वावलम्बन के पथ पर अग्रसर हो रहा है। प्रदेश की प्रत्येक नारी स्वावलम्बन के पथ पर अग्रसर हो रही है। सरकार जब निराश्रित महिलाओं के साथ खड़ी होती है, तो वह महिला स्वावलम्बन का एक मॉडल बनाती है। वर्तमान में प्रदेश में 36 से 37 प्रतिशत महिलायें अलग-अलग क्षेत्रां में कार्य कर रही हैं। यह महिला सुरक्षा का सबसे अच्छा मॉडल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंच के माध्यम से हम लोगों ने ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के लाभार्थियों को चेक वितरित किया है। अब बेटी किसी पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि जन्म लेने से लेकर उसकी स्नातक तक की पढ़ाई के लिए प्रदेश सरकार 25 हजार रुपये का पैकेज प्रदान कर रही है। वर्तमान में प्रदेश की 27 लाख बेटियां इस योजना का लाभ प्राप्त कर रही हैं।

‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के अन्तर्गत राज्य सरकार बेटियों के विवाह के लिये 01 लाख रुपये प्रदान कर रही है। इस योजना के अन्तर्गत अब तक 04 लाख से अधिक बेटियों का विवाह सम्पन्न किया जा चुका है। प्रदेश सरकार जल्द ही बेटियां के लिये रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लॉन्च करने जा रही है। इसके अन्तर्गत प्रारम्भ में स्नातक व परास्नातक अन्तिम वर्ष में अध्ययनरत मेधावी बेटियों को स्कूटी उपलब्ध करायी जायेगी। धीरे-धीरे अन्य बेटियों को इसके साथ जोड़ा जायेगा। यह योजना नारी शक्ति के क्रमिक उत्थान का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ की लाभार्थियों को चेक प्रदान किये गये हैं। महिला कल्याण विभाग और पुलिस विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कार्मिकों, बाल विवाह की रोकथाम के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं तथा ‘181’ महिला हेल्पलाइन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्मिकों को भी सम्मानित किया गया है। राजकीय बालिका गृहों में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने तथा ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ के अन्तर्गत मेधावी बालिकाओं को सम्मानित किया गया है।  महिलाओं को नारी शक्ति अवॉर्ड दिए गए हैं।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपना प्रत्येक कार्य स्मार्ट फोन के माध्यम से अपलोड करेंगी। इसके आधार पर उनको परफॉरमेंस आधारित सम्मानजनक मानदेय दिया जायेगा। आज उनको 05 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा के लिए कार्ड उपलब्ध कराया गया है। इसी प्रकार की सुविधा आशा वर्कर व रसोईया आदि को भी उपलब्ध करायी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आयोजित पिंक रोजगार मेले में अनेक महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुये हैं। बेटियों से संवाद के दौरान उनके चेहरे पर आत्मविश्वास का भाव झलक रहा था। उनके अन्दर कुछ कर गुजरने की चाहत थी। यदि यह आत्मविश्वास सभी के मन में आ जाये, तो भारत को विकसित होने से कोई भी ताकत नहीं रोक सकती। प्रदेश में रोजगार की कमी नहीं है। सरकार बड़े पैमाने पर निवेश लेकर आ रही है। महिलायें अवसर मिलने पर प्रत्येक क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम में 94 नवनियुक्त मुख्यसेविकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किये गये। आई0सी0डी0एस0 के 50 वर्ष पूर्ण होने का यह स्वर्ण जयन्ती वर्ष है। 50 वर्षों के कालखण्ड के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कारण आये परिवर्तनों पर आधारित पुस्तिका ‘आत्म मन्थन’ तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में मुख्य सेविकाओं के प्रशिक्षण हेतु उठाये गये कदमों पर आधारित पुस्तिका ‘सारथी’ का विमोचन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में लोक सभा व राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटों पर बेटियां और बहनें चुनकर आयेंगी। महिलाओं को लखपति दीदी व ड्रोन दीदी के रुप में आगे बढ़ाने, महिला स्वयंसेवी समूह के माध्यम से उनके स्वावलम्बन का मार्ग प्रशस्त करने, सैनिक स्कूलों में बेटियों की भर्ती को प्रोत्साहित करने जैसे कार्य नारी शक्ति को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रोत्साहित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। आज कार्यक्रम में मैंने वाराणसी की एक बहन से बात की। वह ई-रिक्शा चलाकर प्रत्येक महीने 15 से 20 हजार रुपये कमा रही है। यह प्रदेश सरकार की योजनाओं से सम्भव हुआ। आज वह बहन अपने कार्यों से सबको गौरव की अनुभूति करा रही है। वर्ष 2017 में प्रदेश में मिशन शक्ति कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। इससे पहले प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति अच्छी नहीं थी। आज प्रदेश की प्रत्येक बेटी स्वयं को सुरक्षित महसूस करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश पुलिस बल में 20 प्रतिशत बेटियों को आरक्षण दिया गया है। वर्ष 1947 से वर्ष 2017 तक प्रदेश पुलिस में कुल 10,000 महिला कार्मिक थीं। अब इनकी संख्या कई गुना बढ़कर 44,000 से अधिक हो गयी है। यह संख्या बताती है कि हम सही दिशा में हैं। जहां इन कार्मिकों को बीट पुलिस अधिकारी के रूप में दायित्व दिया गया है, वहां वह फील्ड में जाकर महिलाओं की काउन्सिलिंग करती हैं तथा सुरक्षा की गारन्टी भी देती हैं। बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले व्यक्ति के लिये इस धरती पर जगह नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में प्रत्येक छात्र व छात्रा को बिना भेदभाव निःशुल्क यूनिफॉर्म, बैग, बुक्स, जूते-मोजे आदि के लिये डी0बी0टी0 के माध्यम से धनराशि उपलब्ध करा रही है। पुरानी मान्यता के अनुसार गांव की बेटी को सबकी बेटी माना जाता है। उसे जीने तथा आगे बढ़ने का अधिकार मिलना चाहिए। आज यह चीजें वास्तविकता में होती हुईं दिखाई देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में हम अनेक नयी योजनायें लेकर आये हैं। युवा, महिला, अन्नदाता किसान और गरीब पर आधारित बजट में इन सभी लोगों के उत्थान के लिये व्यवस्था की गयी है। बजट में महिलाओं के लिए कुछ स्कीम बहुत महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत 05 लाख रुपये तक ऋण की व्यवस्था की गयी है। बहुत सारी महिलाएं ऐसी भी हैं, जिन्हें अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए इससे ज्यादा ऋण चाहिए। उन्हें अपने घर के कार्य के लिए कम पैसे का ऋण चाहिए। इस बार के बजट में इसकी व्यवस्था की गयी है। बजट में प्रदेश सरकार ने महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के लिये भी धनराशि की व्यवस्था की है। यह केन्द्र सरकार की शी-मार्ट योजना से प्रेरित है। योजना के माध्यम से महिला स्वयंसेवी समूहों द्वारा बनाये गये उत्पादों को बाजार तक आसान पहुंच प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 11 वर्षों में महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में स्वावलम्बन की दिशा में अग्रसर हुई हैं। पहले प्रधानमंत्री आवास न होने से सबसे अधिक महिलाएं पीड़ित होती थीं। घर में शौचालय नहीं होने पर सबसे अधिक महिलाएं प्रभावित होती थीं। घर में रसोई गैस न होने पर सर्वाधिक पीड़ा महिला को झेलनी पड़ती थी, क्योंकि कई बार घर के सभी सदस्यों के लिए समय पर भोजन बनाने के लिए ईंधन नहीं होता था। जैसे तैसे वह भोजन बनाती थीं। अब उनके पास ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ का कनेक्शन है। सरकार ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के प्रत्येक लाभार्थी को वर्ष में दो बार, होली और दीपावली पर, निःशुल्क रसोई गैस के रिफिल सिलेण्डर उपलब्ध कराती है।
प्रदेश में 15 करोड़ लोग राशन कार्ड की सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। 05 करोड़ 60 लाख लोगों को आयुष्मान भारत की सुविधा का लाभ दिया जा चुका है। अब सरकार ने शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा वर्कर, रसोइयों और होमगार्ड्स को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के साथ जोड़ दिया है। प्रदेश सरकार के बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षण संस्थानों, गवर्नमेण्ट एडेड या सेल्फ फाइनेन्स शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक संस्थानों के कार्मिकों को सरकार द्वारा कैशलेस सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है। सरकार द्वारा 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ दिया गया है।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन मिशन शक्ति की थीम है। सुरक्षा व्यक्ति में आत्मविश्वास भरती है। आत्मविश्वास उसे आत्मगौरव की अनुभूति कराता है और आत्मगौरव का भाव ही व्यक्ति को आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर करता है। यह आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत की संकल्पना का आधार बनेगा। डबल इंजन सरकार द्वारा 01 करोड़ 06 लाख से अधिक निराश्रित महिला, वृद्धजन और दिव्यांगजन को 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष पेंशन की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। इसमें वृद्धि की दिशा में भी सरकार मंथन कर रही है। इसके लिए धनराशि की भी व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों के सामने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है। इसके अन्तर्गत देश जब अपनी आजादी का शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा, उस समय के भारत की कल्पना की गयी है। ऐसा विकसित भारत, जहां प्रत्येक व्यक्ति खुशहाली से अपना जीवनयापन कर सके और आगे बढ़ सके। आज किए जाने वाले प्रयास उसी दिशा में किए जाने वाले प्रयासों का हिस्सा हैं। आगामी समय में सरकार अनेक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएगी।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि एम0एस0एम0ई0 की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना में विभिन्न जनपदों में महिलाएं कार्य कर रही हैं। लखनऊ के चिकनकारी कार्य में 100 प्रतिशत महिलाएं इस अभियान के साथ जुड़ी हैं। उनके पास इतना अधिक कार्य आ रहा है कि कई बार वे ऑर्डर को पूरा भी नहीं कर पातीं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के बाद अब सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ योजना की ओर अग्रसर हुई है। घर के अन्दर महिलाएं ही स्वादिष्ट व्यंजन बना सकती हैं। स्वाभाविक रूप से वह कुजीन स्वादिष्ट भी होगा और उसकी ब्राण्डिंग भी होगी। सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन’ योजना में अलग-अलग जनपद के अलग-अलग व्यंजनों को जोड़ने का कार्य किया है। यह महिलाओं के लिए एक नया अवसर है।
मुख्यमंत्री ने जनपद जौनपुर की एक महिला का उदाहरण देते हुए कहा कि वह एफ0पी0ओ0 चला रही है। सरकार एक ‘कृषक उत्पादक संगठन’ के माध्यम से उनके उत्पादों की ब्राण्डिंग करती है तथा उनके लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाती है। उनका समूह ड्रोन दीदी के रूप में भी कार्य कर रहा है। मशीनरी के माध्यम से भी यह समूह कार्य कर रहा है। उनके द्वारा मिलेट तथा नमकीन उत्पादन कर उसकी पैकेजिंग करके मार्केट तक पहुंचाने का कार्य हो रहा है। अन्य अनेक अभियान एक समूह के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, जो स्वावलम्बन की निशानी है।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित लगभग 20 हजार स्टार्टअप में से आधे से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित हैं। वर्ष 2026-27 के बजट में प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर डिजिटल इण्टरप्रेन्योर की स्थापना करने की एक नई स्कीम शुरू की गयी है। प्रदेश में 8,000 न्याय पंचायत हैं, जिसमें से 4,000 से अधिक न्याय पंचायतों में केवल महिलाएं भर्ती होने वाली हैं। यह महिलाएं प्रत्येक न्याय पंचायत में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों के साथ जुड़ेंगी तथा अन्य लोगों को जोड़ेंगी।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि बी0सी0 सखी प्रत्येक ग्राम पंचायत में बैंकिंग लेनदेन का काम कर रही हैं, जो एक मॉडल है। झांसी की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी के बाद आज गोरखपुर, काशी, बरेली व आगरा में भी इस दिशा में कार्य हो रहा है। हजारों बहनें इसके साथ जुड़ी हैं और अच्छा लाभांश प्राप्त कर रही हैं। वर्ष 2026-27 के बजट में लखनऊ और प्रयागराज में भी इस प्रकार की मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी की स्थापना की व्यवस्था की गयी है। हजारों की संख्या में लोग इसके माध्यम से आगे बढ़ेंगे। सरकार ने इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें पी0ए0सी0 को समाप्त कर रही थीं। वर्तमान की डबल इंजन सरकार ने पी0ए0सी0 की 34 कम्पनियों का पुनर्गठन किया है। महिलाओं के लिए तीन नई बटालियन गठित की गयी हैं और तीनों के नाम भारत एवं उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति की प्रतीक वीरांगना ऊदा देवी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर रखे गये हैं। इसके अतिरिक्त, तीन नई महिला बटालियन के गठन की प्रक्रिया भी सरकार आगे बढ़ा रही है। सरकार की नीयत ठीक होती है, तो अच्छे परिणाम आते हैं। यह परिणाम आज प्रत्येक क्षेत्र में हम सभी को देखने को मिल रहे हैं।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि यू0पी0एस0सी0 की वर्ष 2025 की सिविल सेवा परीक्षा के रिजल्ट में प्रदेश की कई बेटियों ने सम्मानजनक स्थान प्राप्त किया है। अन्तिम परिणाम में उत्तर प्रदेश की बेटियों सुश्री मानसी, सुश्री अदिति व सुश्री तनीषा ने स्थान बनाया है। सम्पूर्ण देश में टॉप 10 अभ्यर्थियों में से तीन महिलाएं हैं। लगभग 1,000 की सूची में बड़ी संख्या में बेटियों का सेलेक्शन हुआ है, जो उनके सामर्थ्य को प्रदर्शित करता है। प्रदेश के अन्दर महिला कार्यबल बढ़ रहा है। गांव या दूरदराज से आने वाली बेटी के लिए सरकार ने विभिन्न जनपदों में ऐसे छात्रावास बनाने का निर्णय लिया है, जहां वे सुरक्षा के साथ आराम से रह सकें। केवल महिलाओं के लिए छात्रावास हेतु सरकार ने अपना कार्य प्रारम्भ कर दिया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की स्थापना की जा रही है। प्रत्येक हॉस्टल की क्षमता 500 होगी। 500 की क्षमता वाले छात्रावास वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर, झांसी और आगरा में बनाए जा रहे हैं। इस बार के बजट में इसके लिए धनराशि आवंटित कर दी गयी है। इसके अतिरिक्त, अयोध्या, बरेली, अलीगढ़, मीरजापुर, सहारनपुर, मुरादाबाद जनपद में भी सरकार ने इस बजट में धनराशि की व्यवस्था की है, ताकि बेटियों को किसी प्रकार की समस्या न होने पाए।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सम्पत्ति पंजीकरण शुल्क में छूट दी गयी है। स्वामित्व योजना के अन्तर्गत गांवों में एक करोड़ से अधिक महिलाओं के नाम घरौनी की गयी है। प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अन्य कार्यों में भी उन्हें पूरी स्वतंत्रता दी जा रही है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना में 62 लाख महिलाओं को आवास उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। आजादी के बाद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। इसे दिलाने के लिए इच्छाशक्ति और सरकार के प्रयासों की आवश्यकता थी, जिसका वर्ष 2014 के पूर्व अभाव दिखाई देता था। आज प्रधानमंत्री जी के कारण यह सब कुछ सम्भव हो पाया है।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक प्रदेशवासी की जिम्मेदारी बनती है कि वह बेटी की सुरक्षा, नारी की गरिमा और उनके सम्मान की रक्षा करने तथा उनके स्वावलम्बन के लिए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का लाभ उन तक पहुंचाने में अपना योगदान दें। यह विकसित भारत की एक महत्वपूर्ण आधारशिला बनेगी। विकसित भारत में प्रत्येक चेहरे पर खुशहाली होगी तथा प्रत्येक हाथ को रोजगार होगा। प्रत्येक व्यक्ति आत्मविश्वास के साथ भारत को दुनिया के शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने में अपना योगदान दे पाएगा। यह तभी सम्भव होगा, जब आधी आबादी इस दिशा में मजबूती के साथ जुड़ेगी। मिशन शक्ति का हमारा अगला चरण नवरात्रि में प्रारम्भ होगा और उस दिशा में हम लोग सब मिलकर एक सामूहिक प्रयास को आगे बढ़ाएंगे।
वाराणसी मण्डल की लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री जी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा संवाद किया। इस क्रम में जनपद वाराणसी की श्रीमती सीता देवी ने मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से ऋण प्राप्त कर ई-रिक्शा क्रय किया है। वह स्वयं आत्मनिर्भर होकर अब तक लगभग 200 से अधिक महिलाआें को इस अभियान से जोड़ चुकी हैं। मुख्यमंत्री जी ने श्रीमती सीता देवी की बात सुनकर कहा कि महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। देश आत्मनिर्भर तब होगा, जब आधी आबादी आत्मनिर्भर होगी और आपने इसका उदाहरण प्रस्तुत किया है।
जनपद गाजीपुर की श्रीमती प्रमिला देवी ने मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि वह प्रदेश सरकार की विभिन्न महिला केन्द्रित योजनाओं से लाभान्वित हो रही हैं। वह प्राथमिक स्कूल में रसोईया के रूप में कार्य भी कर रही हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 01 अप्रैल से रसोईयों को भी आयुष्मान कार्ड की सुविधा प्रदान की जायेगी। आपने उदाहरण प्रस्तुत किया है कि महिला चाहे तो अपने दम पर पैरों पर खड़ी हो सकती है। जनपद चन्दौली की श्रीमती सोनी कुमारी ने अवगत कराया कि वह फूलों की खेती कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
जनपद जौनपुर की श्रीमती दुर्गा मौर्या ने अवगत कराया कि उन्होंने कृषि विभाग की योजना से जुड़कर कृषक उत्पादक संगठन के माध्यम से ट्रैक्टर व अन्य कृषि यंत्र प्राप्त किये हैं। इन यंत्रां के माध्यम से कृषि कार्य कुशलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। वह ड्रोन व लखपति दीदी के रूप में भी कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार की योजना से जुड़कर नमकीन की फैक्ट्री भी लगायी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि प्रदेश की सभी बहनें इसी तरीके से आगे बढें़गी, तो देश अवश्य आगे बढ़ेगा। प्रदेश की सभी महिलाएं किसी न किसी योजना से जुड़कर लाभान्वित हो रही हैं।
महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की शक्ति, सम्मान और अधिकार को नमन करने का अवसर है। आज की महिला घर संभालने के साथ-साथ समाज और देश की दिशा भी तय कर रही है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्पित है।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की अवधारणा को धरातल पर उतारा जा रहा है। आज 37 प्रतिशत मातृशक्ति प्रदेश के विकास में योगदान दे रही है। प्रदेश में कानून का राज है। कोई भी अराजक तत्व प्रदेश की बेटियों की तरफ टेढ़ी नजर से देखने की हिम्मत नहीं कर सकता।
बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को सशक्त और समृद्धशाली बना रही है। उन्हें रोजगार के साथ जोड़ रही है। प्रदेश की सशक्त नारी शक्ति स्वावलम्बन की ओर अग्रसर है। प्रदेश की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण हमारी बेटियां स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रही हैं।
इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री श्री मनोहर लाल मन्नू कोरी, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ0 बबिता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष श्रीमती चारु चौधरी व श्रीमती अपर्णा यादव, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश महिला कल्याण निगम श्रीमती कमलावती सिंह, अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती लीना जौहरी, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ0 एम0के0 शनमुगा सुंदरम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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