लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में सामने आए धर्मांतरण प्रकरण के मुख्य आरोपी चिकित्सक रमीजुद्दीन मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की तैयारी में था, उससे पहले ही पुलिस ने उसे लखनऊ से पकड़ लिया। आरोपी पिछले कई दिनों से फरार चल रहा था और उस पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार, रमीजुद्दीन ठाकुरगंज क्षेत्र में रह रहा था, जबकि उसकी तलाश उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश सहित चार राज्यों में की जा रही थी। इससे पहले पुलिस आरोपी के पिता सलीमुद्दीन और माता खतीजा को पीलीभीत से गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही सात जनवरी को लखनऊ, पीलीभीत और खटीमा स्थित उसके आवासों पर कुर्की के नोटिस चस्पा किए गए थे।
यह मामला तेईस दिसंबर दो हजार पच्चीस को सामने आया था, जब किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में रोग निदान विषय की स्नातकोत्तर छात्रा ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप है कि उसके वरिष्ठ चिकित्सक ने विवाह का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया, गर्भपात कराया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने आगरा की एक महिला चिकित्सक से विवाह करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इन दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पीड़िता को पीलीभीत के न्यूरिया स्थित पैतृक आवास ले जाया गया था या नहीं, क्योंकि पीड़िता ने अपने बयान में वहीं धर्मांतरण और विवाह कराए जाने की बात कही है।
पीलीभीत के न्यूरिया स्थित आवास पर कुर्की की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक रिश्तेदार को हिरासत में लेकर लगभग दो घंटे तक पूछताछ की थी। पूछताछ में रिश्तेदार ने बताया कि उक्त मकान उसे सौंपा गया था। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

