मध्य पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष का शनिवार को आठवां दिन रहा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने पिछले एक सप्ताह के दौरान सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में तैनात अमेरिकी टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस प्रणाली को निशाना बनाया है।
बताया जा रहा है कि जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी वायुसेना अड्डे पर तैनात इस प्रणाली के रडार को हमले में गंभीर नुकसान पहुंचा है। यह रडार बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाने और उन्हें ट्रैक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस प्रणाली की कीमत लगभग बाईस हजार करोड़ रुपये तक बताई जाती है, जबकि इसके रडार की कीमत करीब दो हजार सात सौ करोड़ रुपये तक होती है।
इसी बीच ईरान का युद्धपोत आईआरआईएस लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जहाज में तकनीकी खराबी आने के बाद ईरान ने भारत से सहायता मांगी थी। भारत ने जहाज को बंदरगाह पर आने की अनुमति दी और चार मार्च को यह कोच्चि पहुंच गया। जहाज के 183 चालक दल के सदस्य फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।
यह युद्धपोत हाल ही में भारत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक समारोह और नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था। इससे पहले अमेरिका द्वारा भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस देना पर श्रीलंका के पास हमला किए जाने और उसके डूबने की भी खबरें सामने आई थीं, जिसमें कई ईरानी नौसैनिकों की मृत्यु हो गई थी।

