लखनऊ, 13 नवम्बर 2025: उत्तर प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में तेजी से बढ़ते अवसरों को देखते हुए, देश की प्रमुख रेसिडेंशियल सोलर सॉल्यूशंस कंपनी फ्रेयर एनर्जी ने राज्य में अपने बड़े रणनीतिक विस्तार की घोषणा की है। इस मौके पर कंपनी ने भारत की पहली इंटेलिजेंट सेल्फ-क्लीनिंग सोलर सिस्टम टेक्नोलॉजी और नेक्स्ट-जेनरेशन हाइब्रिड सोलर सोल्यूशन्स को लॉन्च किया। कंपनी का दावा है कि यह टेक्नोलॉजी यूपी जैसे धूल-प्रभावित राज्यों में सोलर एफिशिएंसी को नई ऊंचाई देगी।
फ्रेयर एनर्जी के मुताबिक, धूल जमाव सोलर पैनल की कार्यदक्षता को 30% तक घटा देता है और राज्य में यह समस्या बेहद गंभीर है। कंपनी का नया सेल्फ-क्लीनिंग सिस्टम एडवांस्ड सेंसर-बेस्ड मैकेनिज़्म से लैस है, जो पैनल को खुद-ब-खुद साफ कर एनर्जी प्रोडक्शन को लगभग 5% बढ़ाता है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 90% तक पानी की बचत करता है और बार-बार होने वाली मैनुअल सफाई की जरूरत को भी खत्म कर देता है।
कंपनी के नेक्स्ट-जेनरेटशन हाइब्रिड सिस्टम्स भी इस लॉन्चिंग का बड़ा आकर्षण रहे। ये सिस्टम्स ऑन-ग्रिड सपोर्ट और बैटरी स्टोरेज को एक साथ जोड़ते हैं, जिससे बिजली कटने पर भी उपभोक्ताओं को बिना रुके पावर सप्लाई मिलती रहती है। इन सिस्टम्स में मौजूद इंटेलिजेंट एनर्जी मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी अतिरिक्त बिजली को स्टोर कर पीक डिमांड समय में उपयोग की सुविधा देती है, जिससे बिजली बिलों में भी उल्लेखनीय कमी आती है।
फ्रेयर एनर्जी के को-फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर सौरभ मर्दा ने कहा कि “उत्तर प्रदेश भारत की सोलर रेवोल्यूशन में सबसे अहम बाजारों में से एक है। हमारी सेल्फ-क्लीनिंग टेक्नोलॉजी राज्य के धूल भरे वातावरण के लिए गेम-चेंजर साबित होगी। हाइब्रिड सिस्टम्स के साथ यह पैकेज सोलर को पहले से कहीं अधिक आसान, सुलभ और फायदेमंद बनाता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में उपलब्ध लगभग 1 लाख रुपए की संयुक्त सरकारी सब्सिडी—जो देश में सबसे अधिक है—के कारण अब सोलर अपनाना पहले से कहीं ज्यादा सस्ता हो गया है। कंपनी का दावा है कि उपभोक्ता सिर्फ 3-4 साल में निवेश की भरपाई कर सकते हैं और आने वाले 20 साल से भी अधिक समय तक लगभग मुफ्त बिजली का लाभ ले सकते हैं।
फ्रेयर एनर्जी देशभर में 12,500 से अधिक इंस्टॉलेशंस और 120+ मेगावाट इंस्टॉल्ड कैपेसिटी के साथ अपनी पहचान बना चुकी है और अब उत्तर प्रदेश के रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को गति देने के लिए तैयार है। कंपनी का कहना है कि वह 2030 तक भारत के 500 गीगावाट रिन्यूएबल कैपेसिटी लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
कंपनी पहले ही उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख शहरों—लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी—में मजबूत उपस्थिति दर्ज कर चुकी है। इन शहरों में रूफटॉप और हाइब्रिड सोलर सिस्टम्स की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसका कारण बढ़ती बिजली दरें, धूल की समस्या और फ्रेयर एनर्जी की भरोसेमंद आफ्टर-सेल्स सर्विस बताई जा रही है।
अज़मत अली,9415794416

