Wednesday, March 4, 2026
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केजीएमयू में टॉक्सिकोलॉजी की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस TOXOCON-21 का भव्य शुभारंभ, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने किया उद्घाटन

लखनऊ, 14 दिसंबर 2025।किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ में इंडियन सोसाइटी ऑफ टॉक्सिकोलॉजी (IST) की 21वीं वार्षिक राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस TOXOCON-21 का आज उत्साहपूर्ण वातावरण में शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।

उद्घाटन समारोह का प्रमुख आकर्षण केजीएमयू में एनालिटिकल टॉक्सिकोलॉजी प्रयोगशाला तथा पॉयजन इंफॉर्मेशन सेंटर (PIC) का उद्घाटन रहा। यह एनालिटिकल टॉक्सिकोलॉजी लैब उत्तर भारत की पहली अत्याधुनिक प्रयोगशाला है, जो विषाक्तता के मामलों के त्वरित एवं सटीक निदान तथा उपचार में चिकित्सकों को सहायता प्रदान करेगी। वहीं, पॉयजन इंफॉर्मेशन सेंटर उत्तर प्रदेश का पहला पीआईसी है, जो जनस्वास्थ्य सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। दोनों ही इकाइयाँ डॉ. शिउली राठौर के प्रभार में संचालित होंगी।
समारोह में केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद, TOXOCON-21 के आयोजन अध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार वर्मा, आयोजन सचिव डॉ. शिउली राठौर, इंडियन सोसाइटी ऑफ टॉक्सिकोलॉजी के अध्यक्ष डॉ. निशात अहमद सहित देशभर से आए विषविज्ञान विशेषज्ञ, चिकित्सक, फॉरेंसिक विशेषज्ञ, शोधकर्ता एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक ने अपने संबोधन में केजीएमयू और इंडियन सोसाइटी ऑफ टॉक्सिकोलॉजी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहलें विषाक्तता से जुड़े रोगियों के उपचार में सुधार, जनस्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर आईएसटी के प्रतिष्ठित विशेष पुरस्कारों की भी घोषणा की गई। आईएसटी यंग टॉक्सिकोलॉजिस्ट अवार्ड (क्लिनिकल टॉक्सिकोलॉजी) डॉ. निखिल पॉल को, आईएसटी यंग फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजिस्ट अवार्ड डॉ. अंजली आसोक को तथा टॉक्सिकोलॉजी में विशिष्ट सेवा के लिए आईएसटी अवार्ड फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) के निदेशक डॉ. आदर्श को प्रदान किया गया।
TOXOCON-21 के तहत क्लिनिकल, फॉरेंसिक, एनालिटिकल एवं अकादमिक टॉक्सिकोलॉजी से जुड़े विशेषज्ञ समसामयिक चुनौतियों, नई प्रवृत्तियों और भविष्य की दिशा पर मंथन करेंगे। सम्मेलन के आगामी दिनों में वैज्ञानिक सत्र, पैनल चर्चाएं और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

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