अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि ईरानी सरकारी मीडिया ने कर दी है। बताया गया कि तेहरान स्थित उनके कार्यालय परिसर पर भारी मिसाइल हमला उस समय किया गया जब वह वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ बैठक कर रहे थे। हमले में उनके परिवार के कई सदस्य और दर्जनों सैन्य अधिकारी भी मारे गए। घटना के बाद ईरान में चालीस दिन का राजकीय शोक तथा सात दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई है।
इजराइली वायु सेना का दावा है कि पिछले चौबीस घंटों में अमेरिका के साथ संयुक्त अभियान के तहत ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर एक हजार से अधिक बम गिराए गए। तेहरान समेत कई बड़े शहरों में मिसाइल तंत्र, वायु रक्षा प्रणाली और सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में दो सौ से अधिक लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की खबर है। दक्षिणी क्षेत्र के एक विद्यालय पर हमले में बड़ी संख्या में छात्राओं के मारे जाने की सूचना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
हमलों के जवाब में ईरान ने इजराइल और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल तथा मानव रहित विमानों से जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। इजराइल पर सैकड़ों मिसाइलें दागे जाने के साथ खाड़ी देशों में स्थित सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। कुछ स्थानों पर हवाई अड्डों और बंदरगाहों के आसपास विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं।
ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि यह अभियान अभी प्रारंभिक चरण में है और आगे और कड़े कदम उठाए जाएंगे। खामेनेई की मौत के बाद संविधान के प्रावधानों के अनुसार एक अस्थायी नेतृत्व परिषद ने देश की जिम्मेदारी संभाल ली है, जो नए सर्वोच्च नेता के चयन तक शासन चलाएगी।
विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल नीति, क्षेत्रीय प्रभाव और इजराइल विरोध को लेकर चल रहा विवाद अब खुली सैन्य टकराव की स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है।

