लखनऊ। लुलु ग्रुप इंटरनेशनल ने उत्तर प्रदेश में अपने निवेश को और विस्तार देने की घोषणा की है तथा अन्य देशों से भी राज्य में निवेश लाने की प्रतिबद्धता जताई है। ग्रुप के चेयरमैन यूसुफ अली ने यह बात दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्योग और व्यापार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं, जिसके चलते राज्य निवेश के लिए अत्यंत अनुकूल बन चुका है। उत्तर प्रदेश में लुलु ग्रुप के फूड प्रोसेसिंग प्लांट्स संचालित हैं और राज्य सरकार की ओर से हर स्तर पर सहयोग मिल रहा है।
यूसुफ अली ने बताया कि लखनऊ स्थित लुलु शॉपिंग मॉल में उम्मीद से कहीं अधिक भीड़ देखने को मिल रही है और यह मॉल अब काफी प्रसिद्ध हो चुका है। उन्होंने कहा कि जितनी फुटफॉल की अपेक्षा थी, उससे दोगुनी संख्या में लोग मॉल में आ रहे हैं। इसके साथ ही नोएडा में एक नए शॉपिंग मॉल को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यह प्रतिबद्धता व्यक्त की है कि लुलु ग्रुप उत्तर प्रदेश में न केवल अपना निवेश बढ़ाएगा, बल्कि अन्य देशों से भी निवेश आकर्षित करने में सहयोग करेगा।भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंधों पर बोलते हुए यूसुफ अली ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते ऐतिहासिक हैं। उन्होंने बताया कि यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंध बेहद मजबूत हैं, जिससे द्विपक्षीय सहयोग और सुदृढ़ हुआ है। हाल ही में यूएई के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत की आधिकारिक यात्रा की, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की गई।दावोस यात्रा को अपने अनुभवों के बारे में बताते हुए यूसुफ अली ने कहा कि यह उनके लिए सीखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि यहां दुनिया भर के नेता, उद्योगपति, निवेशक और बुद्धिजीवी एक साथ आते हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर सहयोग की नई संभावनाएं बनती हैं। यह दावोस में उनका सोलहवां वर्ष है।इसी बीच, ग्रीनको ग्रुप के संस्थापकों द्वारा समर्थित अग्रणी ऊर्जा परिवर्तन मंच एएम ग्रुप ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ ग्रेटर नोएडा में एक विशाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूट हब स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना की घोषणा दावोस में विश्व आर्थिक मंच २०२६ के दौरान की गई, जिसमें लगभग २५ अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का प्रस्ताव है।
दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त, फार्मास्यूटिकल्स, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस जैसे क्षेत्रों के निवेशकों के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें कीं। उल्लेखनीय है कि विश्व आर्थिक मंच की ५६वीं वार्षिक बैठक १९ से २३ जनवरी २०२६ तक दावोस-क्लोस्टर्स में ‘संवाद की भावना’ विषय के अंतर्गत आयोजित की जा रही है, जिसमें १३० से अधिक देशों के लगभग तीन हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

