लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के लिए वर्ष 2025 कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ लेकर आया। संस्थान को 2 जनवरी 2025 को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा सर्वोच्च ए ग्रेड से मान्यता प्राप्त हुई, जबकि राष्ट्रीय संस्थान रैंकिंग फ्रेमवर्क में इसे देश में पाँचवाँ स्थान मिला।
संस्थान में मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए। जनवरी 2026 में विभिन्न विभागों में 220 नए संकाय पदों तथा 98 बैकलॉग पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया। इसके अतिरिक्त 1479 गैर-संकाय पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की गई, जिसमें नर्सिंग ऑफिसर, ऑपरेशन थिएटर सहायक, स्टेनोग्राफर, अस्पताल परिचारक सहित अनेक पद शामिल हैं।
वर्ष 2025 में संस्थान में कई नए विभागों और सेवाओं की शुरुआत हुई। संक्रामक रोग, बाल एंडोक्राइनोलॉजी, बाल मूत्ररोग, हृदय-वक्ष शल्य चिकित्सा, ऑर्थोपेडिक्स तथा टेलीमेडिसिन जैसे विभागों ने ओपीडी, इनडोर और ऑपरेशन थिएटर सेवाओं के साथ कार्य प्रारंभ किया। बाल चिकित्सा के क्षेत्र में उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र का भवन निर्माण अंतिम चरण में पहुँच चुका है, जिसके अक्टूबर 2026 से क्रियाशील होने की संभावना है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के अंतर्गत डिजिटल पैथोलॉजी, टेली-आईसीयू, नए ओपीडी परिसर, मल्टी-लेवल पार्किंग, रेजिडेंट हॉस्टल, आवासीय भवन तथा 1000 बिस्तरों वाले रैन बसेरा जैसी सुविधाओं पर कार्य तेज़ी से चल रहा है।
आगामी पाँच वर्षों के लिए संस्थान का लक्ष्य राज्य के किसी भी गंभीर रोगी को इलाज के लिए बाहर न जाने देना है। इसके लिए अत्याधुनिक क्वाटरनरी हेल्थ केयर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चिकित्सा सेवाएँ तथा प्रदेशव्यापी टेलीमेडिसिन नेटवर्क को सशक्त किया जाएगा। वर्ष 2026 से एसजीपीजीआईएमएस के और अधिक उन्नत, सुलभ और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ देने की अपेक्षा है।

