लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग द्वारा आयोजित 14वें राष्ट्रीय सम्मेलन ‘एसपीयूसीओएन-2026’ का शनिवार को दूसरा दिन रहा। अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के करीब 300 चिकित्सकों, बाल शल्य चिकित्सा विशेषज्ञों, चिकित्सा शिक्षकों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का उद्घाटन 30 अक्टूबर को केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने किया था। उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित भी किया गया।
सम्मेलन के दूसरे दिन बच्चों में होने वाले मूत्र रोगों और उनके आधुनिक उपचार पर विशेष चर्चा हुई। इसमें पेशाब के रास्ते में रुकावट, मूत्राशय की समस्याओं तथा अन्य जटिल बीमारियों के उपचार से संबंधित विभिन्न शल्य चिकित्सा तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। सम्मेलन के हॉल-ए में ऑपरेशन थिएटर से लैप्रोस्कोपिक, रोबोटिक और ओपन सर्जरी का सीधा प्रसारण किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रतिनिधियों ने इन लाइव सर्जिकल प्रक्रियाओं को देखा और उनकी सराहना की। वहीं हॉल-बी में मूत्र रोगों से संबंधित करीब 100 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।

लाइव ऑपरेटिव वर्कशॉप का संचालन प्रो. आनंद पाण्डेय और प्रो. नितिन पंत की देखरेख में किया गया। हॉल-बी में शोध पत्रों की प्रस्तुति और सम्मेलन से संबंधित अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रो. अर्चिका गुप्ता की निगरानी में संपन्न हुईं। इन गतिविधियों के माध्यम से विशेषज्ञों ने बच्चों में मूत्र संबंधी बीमारियों के निदान, उपचार और आधुनिक शल्य चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बाल मूत्र रोग चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, आधुनिक उपचार पद्धतियों, अनुसंधान और चिकित्सकीय अनुभवों का आदान-प्रदान करना है। इसके साथ ही युवा चिकित्सकों को नई तकनीकों से परिचित कराना और उनके शल्य चिकित्सा कौशल को विकसित करना भी सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है।

केजीएमयू का पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग इस आयोजन के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और बच्चों को बेहतर शल्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन चिकित्सा क्षेत्र में नई तकनीकों और उपचार के बेहतर विकल्पों को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में जन्मजात मूत्र संबंधी विकारों और अन्य जटिल बीमारियों के उपचार को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष डॉ. शिव नारायण कुरिल, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग, केजीएमयू तथा आयोजन सचिव डॉ. जे.डी. रावत, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग हैं। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए पूरी आयोजन टीम को शुभकामनाएं दीं।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञ चिकित्सकों के बीच विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान तथा बाल शल्य चिकित्सा सेवाओं को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।

