Tuesday, September 15, 2026
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1.2 लीटर मवाद, ध्वस्त फेफड़े को वीएटीएस सर्जरी से मिली नई जिंदगी

लखनऊ। एपेक्स ट्रॉमा सेंटर, एसजीपीजीआईएमएस के विशेषज्ञों ने सीने में १.२ लीटर गाढ़ा मवाद, पूरी तरह ध्वस्त फेफड़े और मोटी प्लूरल पील से जकड़े फेफड़े वाले ५० वर्षीय मरीज का अत्यंत जटिल वीएटीएस सर्जरी से सफल उपचार किया। सोनभद्र निवासी मेवालाल ८ अप्रैल २०२६ को बाइक और कार की टक्कर में घायल हुए थे। प्रारंभिक उपचार जिला अस्पताल में होने के बाद भी सांस की तकलीफ बनी रही और गंभीर हालत में उन्हें एसजीपीजीआई लाया गया।मरीज को उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारी थी तथा वर्ष २०२३ में पीटीसीए भी हो चुका था। जांच के दौरान सीने में गंभीर पायोथोरेक्स पाया गया। ऑपरेशन के समय लगभग १.२ लीटर गाढ़ा मवाद जमा था और मोटी प्लूरल पील के कारण फेफड़ा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका था। ऑपरेशन डॉ. अमित कुमार सिंह, एडिशनल चीफ, एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के नेतृत्व में डॉ. आदित्य सिंह और डॉ. वरुण गुप्ता ने किया। एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर प्रबंधन डॉ. गणपत और डॉ. रफात शमीम ने संभाला।सर्जरी के दौरान मरीज को सिंगल-लंग वेंटिलेशन पर रखा गया।विशेषज्ञों ने वीएटीएस तकनीक से मवाद बाहर निकाला और फेफड़े को जकड़ने वाली प्लूरल पील हटाकर डिकॉर्टिकेशन किया। इसके बाद फेफड़े को दोबारा फैलने का अवसर मिला। सर्जरी के बाद मरीज को दो दिन आईसीयू में निगरानी में रखा गया। हालत में सुधार के बाद वार्ड में स्थानांतरित किया गया और १४ सितंबर को संतोषजनक स्थिति में छुट्टी दे दी गई।निदेशक पद्मश्री प्रो. आर.के. धीमन ने पूरी ट्रॉमा, एनेस्थीसिया, आईसीयू और ओटी टीम को बधाई दी और इसे संस्थान की विशेषज्ञ मल्टीडिसिप्लिनरी ट्रॉमा केयर एवं उन्नत क्रिटिकल केयर सुविधाओं का प्रमाण बताया।

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