Monday, April 6, 2026
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एसजीपीजीआई ब्रेस्ट कोर्स 2026 में स्तन कैंसर उपचार की नई दिशाओं पर मंथन

लखनऊ।संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान एसजीपीजीआई द्वारा आयोजित ब्रेस्ट कोर्स 2026 और आईएईएस मध्य सम्मेलन का समापन लखनऊ स्थित होटल फॉर्च्यून सेलेक्ट में तीन दिनों तक चले गहन अकादमिक विमर्श, नवाचार और बहुविषयक शिक्षण के बाद हुआ। इस आयोजन में देश-विदेश के विशेषज्ञों, चिकित्सकों और प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
सम्मेलन के अंतिम दिन का केंद्र स्तन कैंसर प्रबंधन में उभरती और भविष्य की दिशाएं रहीं, जिनमें न्यूनतम चीरा आधारित स्तन शल्य चिकित्सा, मेटास्टैटिक रोग और कम आयु तथा आनुवंशिक रूप से संवेदनशील रोगियों के उपचार जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। न्यूनतम चीरा स्तन शल्य चिकित्सा पर आयोजित विशेष संगोष्ठी में इसकी वर्तमान उपयोगिता, संभावित लाभ और सीमाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने भारतीय परिप्रेक्ष्य में रोगियों के सावधानीपूर्वक चयन, प्रमाण आधारित उपयोग और लागत संबंधी पहलुओं पर विशेष बल दिया।
मेटास्टेटिक स्तन कैंसर पर आयोजित सत्रों में व्यक्तिगत उपचार रणनीतियों के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया गया। इसमें चुनिंदा रोगियों में शल्य विधियों और औषधीय उपचारों के समन्वय पर जोर दिया गया। साथ ही कम आयु की महिलाओं में स्तन कैंसर के उपचार से जुड़ी चुनौतियों जैसे प्रजनन क्षमता, आनुवंशिक जोखिम और दीर्घकालिक जीवन गुणवत्ता पर भी गंभीर चर्चा हुई।
सम्मेलन का समापन विदाई समारोह के साथ हुआ, जिसमें सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुतियों, प्रश्नोत्तरी विजेताओं और यात्रा अनुदान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रशिक्षुओं द्वारा 60 से अधिक शोध पोस्टर प्रस्तुत किए गए, जिसने युवा चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के उत्साह और सक्रिय भागीदारी को दर्शाया।
तीन दिनों के इस आयोजन ने सटीकता, संरक्षण और वैयक्तिकरण के मूल सिद्धांतों को मजबूत करते हुए रोगी हित में बहुविषयक सहयोग की आवश्यकता को पुनः स्थापित किया। एसजीपीजीआई ब्रेस्ट कोर्स 2026 ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि वह भारत में स्तन कैंसर देखभाल को नई दिशा देने वाला एक अग्रणी अकादमिक मंच है, जो विशेषज्ञता, नवाचार और शिक्षा को एक साथ जोड़ता है।

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