गाजियाबाद के भारत सिटी बी-1 टावर के फ्लैट नंबर 907 में मंगलवार रात करीब 2 बजे एक हृदयविदारक हादसा हो गया। 12, 14 और 16 वर्ष की तीन सगी बहनों ने हाथ पकड़कर बालकनी से छलांग लगा दी। गिरने की तेज़ आवाज सुनकर कॉलोनी के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
अतुल कुमार सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त शालीमार गार्डन
तीनों बच्चियां गंभीर हालत में जमीन पर पड़ी मिलीं। एंबुलेंस से उन्हें लोनी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि जिस ऊंचाई से बच्चियों ने छलांग लगाई, वहां से जमीन करीब 80 फीट नीचे है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला सामने आया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। वहीं एसपी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक तीनों बहनें एक ही कमरे में सोती थीं और मोबाइल पर गेम खेलती थीं। पुलिस को रात 2:18 बजे सूचना मिली, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची।
कमरे से मिली डायरी में एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें लिखा है—
“मम्मी पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम इस गेम से कितना प्यार करते थे, जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों बहनें कथित तौर पर टास्क-आधारित कोरियन लव गेम की आदी हो चुकी थीं और कोरोना काल से यह गेम खेल रही थीं। बताया जा रहा है कि पिता चेतन, जो ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं, ने बेटियों को गेम खेलने से मना किया था और इसी बात को लेकर फटकार लगी थी। हालांकि परिजन फिलहाल खुलकर कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं।

पुलिस मोबाइल फोन, डिजिटल गतिविधियों और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन परिस्थितियों में बच्चियों ने इतना बड़ा कदम उठाया। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

