लखनऊ: मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में लखपति महिला कार्यक्रम की द्वितीय राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आज आयोजित की गई। बैठक में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने तथा स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से स्थायी आय सृजन पर विस्तृत चर्चा हुई। अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि लखपति दीदी कार्यक्रम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी संबंधित विभागों द्वारा अपनी योजनाओं में समूह की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि वे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रतिवर्ष एक लाख रुपये से अधिक की स्थायी आय अर्जित कर सकें।
उन्होंने कहा कि ऐसे समूहों की पहचान की जाए, जो अपनी आजीविका में सतत वृद्धि कर रही हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए और उनके उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग की दिशा में कदम उठाए जाएं। मिशन द्वारा सभी विभागों से समन्वय कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा सौर ऊर्जा संचालित फूड प्रोसेसिंग यूनिट जैसे सोलर आटा चक्की, मसाला पीसने की मशीन, ड्रायर, डीप प्रâीजर आदि का वितरण किया जाए। प्रदेश के सभी हवाई अड्डों पर स्वयं सहायता समूहों के बिक्री केन्द्र स्थापित किए जाएं। टीबी मरीजों को एसएचजी द्वारा तैयार पोषण पोटली का वितरण सुनिश्चित किया जाए। अस्पताल, प्रमुख पर्यटन स्थल, पुलिस लाइन, आईटीआई, राजकीय पॉलीटेक्निक, चीनी मिलें, बस अड्डे आदि स्थानों पर प्रेरणा कैंटीन संचालित करने हेतु उपयुक्त स्थान आवंटित किए जाएं। बैठक में मिशन निदेशक यूपीएसआरएलएम सुश्री दीपा रंजन ने बताया कि प्रदेश में ३५.९४ लाख महिलाओं का चिन्हांकन किया गया, जिनमें से २९.६८ लाख महिलाओं का डिजिटल आजीविका रजिस्टर में आय विवरण दर्ज है। वर्तमान में १८.५५ लाख लखपति दीदियाँ बन चुकी हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण श्री एल.वेंकटेश्वर लू, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री सौरभ बाबू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

