लखनऊ। अपना दल (एस) के राष्ट्रीय सम्मेलन में सोमवार को केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल को लगातार तीसरी बार पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। कैसरबाग स्थित महात्मा गांधी सभागार में आयोजित सम्मेलन में अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारियों को भी दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई। अध्यक्ष चुने जाने पर अनुप्रिया पटेल ने पार्टी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
अनुप्रिया पटेल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अपना दल (एस) को उत्तर प्रदेश की तीसरी बड़ी पार्टी से आगे बढ़ाकर नंबर एक बनाना है। इसके लिए केवल सदस्यता की रसीद काटने से काम नहीं चलेगा, बल्कि लोगों को पार्टी की विचारधारा, नीतियों और सामाजिक न्याय के उद्देश्य से भी जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष होने से पहले वह पार्टी की एक समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। संगठन का हर छोटा-बड़ा कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ है और उसका सम्मान हमेशा प्राथमिकता रहेगा।

उन्होंने कहा कि अपना दल का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि गरीबों, कमजोर वर्गों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज बनना है। पार्टी का वैचारिक आंदोलन सामाजिक न्याय और वंचित समाज के अधिकारों से जुड़ा है। इसे और मजबूत करने के लिए वह पूरी जिम्मेदारी से काम करेंगी।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। कभी अनुकूल समय होता है तो कभी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन संगठन में आपसी विश्वास और एकजुटता बनी रहे तो कोई भी ताकत पार्टी को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर परिस्थिति में एक-दूसरे पर भरोसा बनाए रखने की अपील की।

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उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अपनी सक्रियता कई गुना बढ़ानी होगी। संगठन को प्रदेश के एक-एक बूथ तक पहुंचाने के साथ गांव-गांव और घर-घर जाकर नए लोगों को पार्टी से जोड़ना होगा। केवल सदस्य संख्या बढ़ाना या झंडे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर दिल में अपना दल की विचारधारा पहुंचानी होगी।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि पार्टी को केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि सामाजिक न्याय के आंदोलन को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है। पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विधानसभा और संसद दोनों में प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। वर्तमान में पार्टी के प्रदेश में 13 विधायक और एक सांसद हैं। अब संगठन को इससे आगे ले जाने का लक्ष्य लेकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि अपना दल को उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया है और अंतिम सांस तक पार्टी के सम्मान तथा सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रखेंगी।


