Saturday, October 31, 2026
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जेल से रिहा होते ही ईडी ने आजम खान को किया गिरफ्तार, बेटे अब्दुल्ला घर पहुंचे

रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को रामपुर जिला जेल से करीब 11 महीने बाद रिहाई मिलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को वह अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ जेल से बाहर निकले थे, लेकिन जेल के मुख्य द्वार पर ही ईडी के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। अधिकारियों ने पहले उनसे पूछताछ की और फिर अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए। ईडी आजम खान को गाजियाबाद की अदालत में पेश करेगी। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम रिहाई के बाद समर्थकों के साथ घर रवाना हो गए।

जेल के बाहर इस दौरान काफी देर तक गहमागहमी रही। ईडी अधिकारियों और आजम खान के वकीलों के बीच तीखी बहस भी हुई। आजम खान ने भावुक होते हुए कहा, ”अब कहने को क्या है? यह मुसलमान होने की सजा है। गलती यह है कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यही हमारा गुनाह है।”
ईडी का आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन और ठेकों से जुड़े पैसों का दुरुपयोग किया गया। एजेंसी विश्वविद्यालय के निर्माण पर हुए 416.14 करोड़ रुपये के खर्च में कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

आजम खान की रिहाई से करीब 15 मिनट पहले ईडी की एक टीम जेल परिसर में दाखिल हुई थी। सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के 24 जवान भी तैनात किए गए थे। जेल के बाहर एक ही सड़क पर दो अलग-अलग दृश्य देखने को मिले। उत्तर दिशा में ईडी के अधिकारी आजम खान को सफेद कार में बैठाकर ले गए, जबकि दक्षिण दिशा में उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समर्थकों के साथ खुली सफेद कार में घर के लिए रवाना हुए। इस दौरान समर्थकों ने खुशी में आतिशबाजी भी की।

आजम खान के वकील जुबेर खान ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ लोग बिना पहचान पत्र दिखाए जेल में दाखिल हुए और उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि वे किस विभाग से आए हैं। उन्होंने बताया कि ईडी अधिकारियों को आजम खान की खराब तबीयत और बीमारी के बारे में भी जानकारी दी गई, लेकिन उनकी बात सुने बिना ही अधिकारी उन्हें अपने साथ ले गए।
गौरतलब है कि 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सुनाई गई 10 साल की सजा को निलंबित करते हुए दोनों को जमानत दे दी थी। इसके बाद दोनों की रिहाई का रास्ता साफ हुआ था। हालांकि, जेल से बाहर आते ही ईडी की कार्रवाई के कारण आजम खान की रिहाई ज्यादा देर तक आजादी में नहीं बदल सकी।
इस घटनाक्रम के बाद रामपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर अब्दुल्ला आजम समर्थकों के साथ घर पहुंचे, वहीं आजम खान को ईडी की टीम अपने साथ गाजियाबाद ले गई। एजेंसी की जांच का केंद्र जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताएं और धन के इस्तेमाल से जुड़े मामले हैं।

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