लखनऊ, 02 फरवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को सीधे रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से सभी जनपदों में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेण्ट एवं इंडस्ट्रियल जोन’ विकसित करने के लिए शीघ्र उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीति का लक्ष्य ऐसा सक्षम वातावरण तैयार करना है, जहां युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के अवसर एक ही परिसर में सुलभ हो सकें।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश लोक भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस पर प्रारंभ की गई यह योजना उद्योग, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और उद्योग सहायता से जुड़े विभागों को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों, सेवा आधारित उद्योगों तथा नवाचार से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन औद्योगिक जोनों में आधुनिक सुविधाओं के विकास से उद्यमियों को प्रारंभ से ही आवश्यक आधारभूत ढांचा उपलब्ध होगा और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और उद्यमिता का एक सशक्त केंद्र विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने संभावित स्थलों की शीघ्र पहचान कर परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में अवगत कराया गया कि योजना के अंतर्गत साझा सुविधा केंद्र, परीक्षण सुविधा, डिजाइन एवं प्रदर्शनी केंद्र, टूल रूम, अपशिष्ट शोधन संयंत्र, तैयार इकाइयां तथा बहुमंजिला औद्योगिक भवन विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए उद्यमिता प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी और सहयोग की व्यवस्था भी इसी परिसर से की जाएगी।
यह योजना चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी जनपदों में लागू की जाएगी, जिसके अंतर्गत प्रत्येक जनपद में न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल में रोजगार एवं औद्योगिक जोन विकसित करने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित जोनों में औद्योगिक क्षेत्र, वाणिज्यिक क्षेत्र, सड़क, सेवा क्षेत्र, हरित क्षेत्र और कार्यालयों का संतुलित स्वरूप तैयार किया जाएगा। साथ ही कौशल विकास केंद्र की स्थापना कर प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप तथा वेतन आधारित रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

