लखनऊ, 11 अगस्त। डालीगंज स्थित ऐतिहासिक मनकामेश्वर मंदिर में मंगलवार दोपहर करीब एक बजे महंत दिव्या गिरि के समर्थक बड़ी संख्या में जुट गए और नारेबाजी करने लगे। समर्थकों ने स्थानीय पार्षद रणजीत सिंह पर सोशल मीडिया पर महंत दिव्या गिरि के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया। मामला बढ़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और स्थिति पर नजर रखी।
समर्थकों के अनुसार रविवार और सोमवार को पार्षद रणजीत सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था। इसमें सावन के दौरान मंदिर मार्ग पर लगाए जाने वाले स्वागत द्वार को लेकर आपत्ति जताई गई थी। आरोप है कि पोस्ट में स्वागत द्वार के कारण पार्षद और पूर्व मेयर का नाम दिखाई नहीं देने की बात कही गई थी। इसी पोस्ट के बाद महंत दिव्या गिरि के समर्थकों ने आपत्ति जताई और विवाद बढ़ गया।
मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने और नारेबाजी के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया। अधिकारी मौके पर पहुंचे और मंदिर प्रशासन के साथ बैठक कर स्थिति की जानकारी ली। समर्थक मनकामेश्वर मंदिर से नगर निगम मुख्यालय तक पैदल मार्च निकालने की मांग पर भी अड़े रहे।
शिव भक्तों ने कहा कि सावन मास में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के शिव मंदिरों को सजाने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसी क्रम में नगर निगम प्रशासन की ओर से मनकामेश्वर मंदिर के मुख्य गणेश द्वार को विद्युत डिस्प्ले से सजाया गया था। भक्तों का आरोप है कि डिस्प्ले के पीछे मनकामेश्वर वार्ड के पार्षद रंजीत सिंह यादव का नाम दर्शाने वाला बोर्ड आ गया, जिसके बाद नगर निगम के विद्युत विभाग ने डिस्प्ले हटवा दिया।
शिव भक्तों ने कहा कि विद्युत डिस्प्ले अस्थायी रूप से मंदिर की शोभा बढ़ाने के लिए लगाया गया था। इसे केवल किसी नाम के ढकने के कारण हटाया जाना उचित नहीं है। उन्होंने मंदिर की ऐतिहासिकता और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का हवाला देते हुए प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।आयोजक राजाराम गुप्ता, संचालनकर्ता शेखर कुमार, संयोजक प्रेम तिवारी एवं अजय तिवारी तथा मीडिया प्रभारी जगदीश चन्द्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में मनकामेश्वर महादेव मंदिर के भक्त शांति मार्च में शामिल हुए।

