Tuesday, August 11, 2026
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ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही टीपी रिन्यूएबल माइक्रोग्रिड–मनोज गुप्ता

जैतापुर और सुनहरी चौराहा में फेमिलियराइजेशन विजिट का आयोजन

लखनऊ, 11 अगस्त। टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी की टीपी रिन्यूएबल माइक्रोग्रिड ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, भरोसेमंद और विकेन्द्रीकृत ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराकर गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी की ओर से उत्तर प्रदेश के जैतापुर और सुनहरी चौराहा में फेमिलियराइजेशन विजिट का आयोजन किया गया, जिसमें इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे बदलाव को प्रदर्शित किया गया।विजिट के दौरान टीपी रिन्यूएबल माइक्रोग्रिड के इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी इकोसिस्टम की जानकारी दी गई। इसमें सोलर माइक्रोग्रिड, बायो-सीएनजी, सोलर पावर्ड इरिगेशन, बल्क मिल्क कूलिंग एंड प्रोसेसिंग सॉल्यूशंस, एनर्जी-एफिशिएंट अप्लायंसेज और प्रोडक्टिव-यूज एप्लीकेशंस शामिल हैं। इन समाधानों के जरिए घरों, कृषि, ग्रामीण उद्यमों और कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है।

टीपी रिन्यूएबल माइक्रोग्रिड के इंटीग्रेटेड मॉडल में सोलर माइक्रोग्रिड, बायो-सीएनजी, सोलर आधारित सिंचाई, बल्क मिल्क कूलिंग एवं प्रोसेसिंग सॉल्यूशंस, एनर्जी-एफिशिएंट अप्लायंसेज और प्रोडक्टिव-यूज एप्लीकेशंस शामिल हैं। इनके माध्यम से घरों, किसानों, ग्रामीण उद्यमों और सामुदायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को स्वच्छ एवं भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय आजीविका और उद्यमों को मजबूती दी जा रही है।

कंपनी के माइक्रोग्रिड ग्रामीण उद्यमों को डीजल आधारित बिजली से हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने में मदद कर रहे हैं। इससे डीजल की खपत, कार्बन उत्सर्जन, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण में कमी आती है। माइक्रोग्रिड से संचालित बिजली आधारित मशीनों के इस्तेमाल से परिचालन लागत में 20 से 30 प्रतिशत तक की बचत भी संभव है। सौर सिंचाई किसानों के लिए डीजल पंप का बेहतर विकल्प उपलब्ध करा रही है, जबकि डेयरी क्षेत्र में बल्क मिल्क कूलर और ऊर्जा कुशल दुग्ध प्रसंस्करण उपकरणों से दूध की गुणवत्ता और पूरी वैल्यू चेन को मजबूत किया जा रहा है।
टीपी रिन्यूएबल माइक्रोग्रिड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज गुप्ता ने कहा कि ऊर्जा स्वतंत्रता का मतलब केवल बिजली उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण समुदायों को कृषि उत्पादकता बढ़ाने, स्थानीय उद्यमों को ऊर्जा देने और टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। वह 11 अगस्त को आयोजित विजिट के दौरान मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश में लगभग 4.5 मेगावाट क्षमता वाले माइक्रोग्रिड नेटवर्क से हर वर्ष 57.4 लाख से अधिक यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। इससे लगभग 23.6 लाख लीटर डीजल की खपत और करीब 6,400 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन रोका जा रहा है। कंपनी की ‘आरई टेक मित्र’ पहल के जरिए ग्रामीण युवाओं को रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम और एनर्जी-एफिशिएंट मशीनों की स्थापना, संचालन एवं रखरखाव का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

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