लखनऊ, 26 अप्रैल 2026: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के एनाटॉमी विभाग तथा होटल क्लार्क्स अवध में आज उत्तर भारत का पहला आंशिक घुटना प्रत्यारोपण आधारित शैक्षणिक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में लगभग 200 अस्थि रोग शल्य चिकित्सक कैडवर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद इसके संरक्षक हैं, जबकि आयोजन अध्यक्ष प्रो. आशीष कुमार और आयोजन सचिव प्रो. शैलेन्द्र सिंह हैं।
सम्मेलन में आंशिक घुटना प्रत्यारोपण की उन्नत शल्य प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें घुटने के केवल प्रभावित हिस्से को बदलकर शेष स्वस्थ संरचना को सुरक्षित रखा जाता है। प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों को सही मरीज चयन, कम हड्डी कटाव, लिगामेंट संरक्षण तथा सटीक प्रत्यारोपण तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह विधि पारंपरिक पूर्ण घुटना प्रत्यारोपण की तुलना में कम रक्तस्राव, शीघ्र स्वस्थ होने और अधिक प्राकृतिक अनुभव प्रदान करती है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रमुख विशेषज्ञों की सहभागिता से यह आयोजन चिकित्सा क्षेत्र में कौशल विकास और बेहतर उपचार परिणामों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सम्मेलन में आंशिक घुटना प्रत्यारोपण की उन्नत शल्य प्रक्रिया पर विशेष चर्चा की गई, जिसमें घुटने के केवल प्रभावित हिस्से को बदलकर शेष स्वस्थ हड्डी, स्नायुबंधन और उपास्थि को सुरक्षित रखा जाता है। प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों को सही मरीज चयन, कम हड्डी कटाव, महत्वपूर्ण स्नायुबंधन संरक्षण तथा सटीक प्रत्यारोपण तकनीकों का अभ्यास कराया गया।
इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों में डॉ. प्रीतम अग्रवाल, डॉ. राजीव के. शर्मा, रवि मित्तल, डॉ. जतिंदर सिंगला, डॉ. यश गुलाटी तथा डॉ. शेखर श्रीवास्तव ने सहभागिता की और अपने अनुभव साझा किए।
विशेषज्ञों के अनुसार यह विधि पारंपरिक पूर्ण घुटना प्रत्यारोपण की तुलना में कम रक्तस्राव, शीघ्र स्वस्थ होने और अधिक प्राकृतिक अनुभव प्रदान करती है। देशभर से आए विशेषज्ञों की सहभागिता से यह आयोजन चिकित्सा क्षेत्र में कौशल विकास और मरीजों के बेहतर उपचार परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

