लखनऊ।राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में स्त्रीरोग ऑन्कोलॉजिस्टों की उत्तर प्रदेश राज्य इकाई (यूपीएससीआई एजीओआई) के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का भव्य पदभार ग्रहण समारोह और एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण चिकित्सा समागम में प्रदेश भर से आए कैंसर विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और महिला स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चुनौतियों पर गहन मंथन किया।कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में केजीएमयू के स्त्रीरोग ऑन्कोलॉजी विभाग की जानी-मानी विशेषज्ञ, प्रोफेसर डॉ. निशा सिंह ने राज्य इकाई के अध्यक्ष पद की कमान संभाली। नवनिर्वाचित अध्यक्ष के रूप में अपने पहले संबोधन में डॉ. निशा सिंह ने गर्भाशय कैंसर के लगातार बढ़ते रुझान और इसकी चिकित्सा जटिलताओं पर एक विस्तृत और ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक जीवनशैली और शुरुआती लक्षणों के प्रति जागरूकता के अभाव के कारण महिलाओं में ऑन्कोलॉजिकल समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिनकी समय रहते पहचान और उचित निदान बेहद जरूरी है।
इस नई ऊर्जावान कार्यकारिणी में प्रदेश के अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है, ताकि पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा सके। डॉ. अमृत गुप्ता को सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुना गया है, जबकि डॉ. अंजू रानी को सचिव पद का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। इन दोनों ही वरिष्ठ पदाधिकारियों ने समारोह के दौरान ‘एडवांस्ड मारेस’ और अत्याधुनिक उपचार तकनीकों के विषय पर आयोजित एक विशेष पैनल चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई तथा चिकित्सा जगत के नए शोधों और उपचार के आधुनिक तरीकों पर प्रकाश डाला।वहीं, इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय समिति के वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी ताजनगरी को मिली है। आगरा स्थित एसएन मेडिकल कॉलेज की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शिखा सिंह को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
चिकित्सा विशेषज्ञों और उपस्थित अतिथियों का मानना है कि इस नई कार्यकारिणी के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश में स्त्रीरोग ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में न केवल शोध और आधुनिक इलाज को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही स्तरों पर महिलाओं के बीच कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को लेकर जागरूकता अभियानों में भी खासी तेजी आएगी। केजीएमयू में हुआ यह आयोजन प्रदेश में महिला स्वास्थ्य सुरक्षा और कैंसर के खिलाफ जंग में एक बेहद सशक्त कदम माना जा रहा है।

