लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) लखनऊ के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार अस्थाना और सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस महत्वपूर्ण बैठक में चिकित्सकों ने प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था, चिकित्सक हितों और संस्था की जरूरतों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।मुलाकात के दौरान आईएमए पदाधिकारियों ने मुख्य रूप से राजधानी समेत पूरे प्रदेश में सक्रिय झोलाछाप और अनधिकृत डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने इस समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक समन्वित समिति गठित करने का अनुरोध किया। इसके अलावा, जनस्वास्थ्य और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में आईएमए की बढ़ती भूमिका को देखते हुए संस्था के नए और विस्तृत भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि आवंटित करने की भी मांग रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने अस्पतालों के सीएमओ (CMO) पंजीकरण की प्रक्रिया में किए गए हालिया सुधारों के लिए मुख्यमंत्री का विशेष आभार जताया। ज्ञात हो कि पहले अस्पतालों को हर साल अपना पंजीकरण रिन्यू (नवीनीकरण) कराना पड़ता था, लेकिन अब सरकार ने इसे बढ़ाकर पांच साल कर दिया है। चिकित्सकों ने इस फैसले को बेहद दूरदर्शी और व्यावहारिक बताते हुए कहा कि इससे अस्पताल संचालकों और पूरे चिकित्सक समुदाय को बड़ी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईएमए प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और स्वास्थ्य सेवाओं व जनहित से जुड़े इन सभी मुद्दों पर आवश्यक एवं सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। आईएमए ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही इन मांगों पर उचित कदम उठाएगी जिससे आम जनता और डॉक्टरों दोनों को फायदा होगा।
इस अवसर पर आईएमए, लखनऊ के कार्यकारी सदस्य डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. अमित मदान और डॉ. आर.बी. सिंह भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

