Saturday, July 18, 2026
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मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम ही देश को मजबूत करेगा – मौलाना अरशद मदनी

लखनऊ। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने शनिवार को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हिंदू-मुस्लिम इत्तेहाद कॉन्प्रâेंस को संबोधित करते हुए कहा कि सभी लोगों को कुरान का सही संदेश बताया जाना चाहिए, क्योंकि कुरान कहीं भी कत्ल या नफरत की शिक्षा नहीं देता। उन्होंने कहा कि इस्लाम मोहब्बत, अमन और इंसानियत का मजहब है, इसलिए यह दुनिया में तेजी से फैल रहा है। सम्मेलन में विभिन्न धर्मों, समुदायों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

मौलाना मदनी ने कहा कि समाज में बढ़ती नफरत देश के लिए चिंता का विषय है और इसे केवल प्यार, भाईचारे और आपसी विश्वास से ही समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति देश की जड़ों को कमजोर करती है। रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर हो रही कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई कानूनी अनियमितता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई हो, लेकिन बुलडोजर चलाना समाधान नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालय के नाम को बनाए रखने की भी वकालत की।

मौलाना ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने अजान के अर्थ की व्याख्या करते हुए कहा कि उसका संदेश एक ईश्वर में विश्वास और इंसानियत का है।

सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि बचपन में उन्होंने अजान सीखी थी और अब उसे फिर से सीखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी अन्याय होगा, वहां आवाज उठाना सभी का कर्तव्य है। आलमबाग गुरुद्वारा के प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली भड़काऊ और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने की अपील की। बौद्ध भिक्षु गुरु शांति रजत ने संविधान और सामाजिक समानता की बात रखी, जबकि पादरी जितेंद्र सिंह ने समाज में बढ़ती नफरत को समाप्त करने के लिए साझा प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

सम्मेलन में वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक सद्भाव, संवैधानिक मूल्यों और सभी धर्मों के बीच संवाद को मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच आपसी विश्वास, भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देना बताया गया।

अज़मत अली
सुमन सुप्रभात
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