बीमा के 20 लाख रुपये और नई जिंदगी के लिए रची खौफनाक साजिश
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में एक स्कूल संचालक की मौत को पहले जहरीले सांप के काटने से हुई सामान्य घटना माना गया, लेकिन पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई उसने सभी को हैरान कर दिया। आरोप है कि स्कूल संचालक की पत्नी ने अपने प्रेमी और दो सपेरों के साथ मिलकर पति की हत्या की पूरी साजिश रची। पति को पहले दूध और खाने में नींद की गोलियां देकर बेहोश किया गया, फिर देश के सबसे जहरीले सांपों में शामिल करैत से डसवाकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में पत्नी, उसके प्रेमी और दोनों सपेरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मृतक की पहचान भंडोरा गांव निवासी 32 वर्षीय अतुल कुमार के रूप में हुई है। अतुल हस्तिनापुर में किराये के मकान में अपनी पत्नी दामिनी और छह वर्षीय बेटे के साथ रहते थे। उन्होंने करीब चार वर्ष पहले निजी नौकरी छोड़कर ‘कृष्ण किड्स प्ले स्कूल’ की स्थापना की थी, जिसमें नर्सरी से कक्षा पांच तक लगभग 150 बच्चे पढ़ते हैं। उनकी पत्नी दामिनी भी स्कूल के संचालन में सहयोग करती थी।

पुलिस के अनुसार अतुल और दामिनी ने सात वर्ष पहले परिवार के विरोध के बावजूद प्रेम विवाह किया था। शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में दोनों के रिश्तों में दरार आने लगी। इसी दौरान लगभग दो वर्ष पहले स्कूल में 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर वैन चालक के रूप में तुषार पायला की नियुक्ति हुई। तुषार पहले से शादीशुदा था, लेकिन स्कूल में काम करते-करते उसकी दामिनी से नजदीकियां बढ़ीं और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। दोनों एक-दूसरे के साथ नई जिंदगी बिताना चाहते थे, लेकिन उनके रास्ते में अतुल सबसे बड़ी बाधा था।
जांच में सामने आया कि दामिनी और तुषार पिछले लगभग एक वर्ष से अतुल की हत्या की योजना बना रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कई बार अतुल के खाने में नशीली गोलियां मिलाई गईं। अतुल को शक भी होने लगा था कि उसकी पत्नी खाने में कुछ मिला रही है। उसने इस संबंध में अपनी मां से भी शिकायत की थी। कई बार उसकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ा। कुछ समय पहले एक अर्टिगा कार से उसे टक्कर मारने की भी कोशिश की गई थी, लेकिन उस मामले में दामिनी ने मुकदमा दर्ज कराने से इनकार कर दिया था।

तुषार
जब पहले के प्रयास सफल नहीं हुए तो दोनों ने सांप से हत्या कराने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार तुषार अपने दो सपेरे मित्रों सोनू और उदय के संपर्क में था। दोनों से पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ। योजना बनाई गई कि हत्या को प्राकृतिक घटना दिखाकर किसी को शक नहीं होने दिया जाएगा और बाद में अतुल की 20 लाख रुपये की बीमा राशि प्राप्त कर दोनों नई जिंदगी शुरू करेंगे। योजना के अनुसार हत्या के बाद तुषार अपनी पत्नी को तलाक देने वाला था।
वारदात वाले दिन दामिनी और तुषार ने बाजार से नींद की गोलियां खरीदीं। रात में अतुल के भोजन और दूध में गोलियां मिलाकर उन्हें बेहोशी की हालत में पहुंचा दिया गया। इसके बाद देर रात करीब दो बजे तुषार दोनों सपेरों को लेकर मकान पर पहुंचा। सपेरों ने करैत सांप को अतुल के बिस्तर पर छोड़ दिया। बेहोशी की हालत में पड़े अतुल को सांप ने डस लिया। वारदात के बाद सांप को कमरे में ही छोड़ दिया गया ताकि घटना सामान्य सांप काटने का मामला लगे। इसके बाद तुषार और दोनों सपेरे वहां से चले गए, जबकि दामिनी अपने बेटे को लेकर दूसरे कमरे में जाकर सो गई।
अगली सुबह करीब छह बजे दामिनी कमरे में पहुंची और जोर-जोर से चीखने लगी। उसने परिवार के लोगों को बताया कि अतुल को सांप ने काट लिया है। कमरे में करैत सांप मौजूद था और अतुल के पैर पर सांप के डसने के निशान भी थे। पहली नजर में परिजनों को भी यही लगा कि मौत जहरीले सांप के काटने से हुई है।

हालांकि जांच के दौरान दामिनी का बयान ही उसके लिए मुसीबत बन गया। उसने पुलिस को बताया कि उसे रात में गर्मी लग रही थी, इसलिए वह बेटे के साथ दूसरे कमरे में जाकर सो गई थी। पुलिस और परिजनों को यह बात संदिग्ध लगी। परिजनों ने पुलिस को सूचना देकर निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाने शुरू किए। सर्विलांस के जरिए दामिनी और स्कूल के वैन चालक तुषार के बीच लगातार बातचीत के प्रमाण मिले। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड से भी दोनों के बीच गहरे संबंधों की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तुषार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसके मोबाइल फोन से डिब्बे में बंद करैत सांप की तस्वीर मिली, जो घटनास्थल पर मिले सांप से मेल खाती थी। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया और दोनों सपेरों के नाम भी बताए।
इसके बाद पुलिस ने सपेरे सोनू और उदय को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि पांच लाख रुपये लेकर उन्होंने जहरीला करैत सांप उपलब्ध कराया और हत्या की योजना को अंजाम दिया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मृतक अतुल कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके पिता 72 वर्षीय अजब सिंह खेती करते हैं, जबकि मां संतोष देवी गृहिणी हैं। बड़े भाई कुलदीप सेना से सेवानिवृत्त हैं और बहसूमा में रहते हैं। दूसरे भाई मनदीप चार वर्ष पहले आत्महत्या कर चुके हैं। अतुल की मौत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
वहीं दामिनी उच्च शिक्षित है। उसने डबल एमए और बीएड किया है। उसके पिता का निधन हो चुका है और उसकी मां हस्तिनापुर में छोटे बेटे के साथ रहती हैं। परिजनों के अनुसार दामिनी की परिवार से अक्सर अनबन रहती थी। उसने एक बार यह कहकर अतुल को परिवार से अलग रहने के लिए राजी कर लिया था कि किसी पुरोहित ने चार वर्ष तक अलग रहने की सलाह दी है। इसके बाद दोनों किराये के मकान में रहने लगे थे।
मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने बताया कि शुरुआत से ही दामिनी सांप के काटने से सामान्य मौत का दावा कर रही थी, लेकिन पुलिस को घटनास्थल और उसके व्यवहार पर संदेह हुआ। वैज्ञानिक साक्ष्य, सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन की जांच के आधार पर पूरी साजिश का पर्दाफाश किया गया। पुलिस के अनुसार यह हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी और इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी। मामले में सभी आरोपियों के विरुद्ध हत्या और आपराधिक साजिश समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

