नई दिल्ली, 25 मई 2026। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि वह ईरान के साथ ओबामा काल जैसी किसी भी प्रकार की परमाणु संधि नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि या तो अच्छा समझौता होगा या फिर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ट्रम्प ने ईरान के साथ संभावित समझौते की आलोचना करने वाले नेताओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई लोग बिना पूरी जानकारी के इसकी आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग केवल देश को बांटने का कार्य कर रहे हैं। ट्रम्प ने वर्ष 2015 में हुए परमाणु समझौते को आपदा बताते हुए दावा किया कि उससे ईरान के लिए परमाणु हथियार तक पहुंचने का रास्ता खुल गया था।
बीते चौबीस घंटों में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो सके। इससे पहले कई अंतरराष्ट्रीय समाचार माध्यमों में दावा किया गया था कि दोनों देश युद्धविराम बढ़ाने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमत हो सकते हैं।
ईरान ने ओमान के माध्यम से अमेरिका तक अपना संदेश पहुंचाया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची का संदेश ओमान के विदेश मंत्री तक पहुंचाया गया। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि देश में कोई भी बड़ा निर्णय सर्वोच्च नेता की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा।
उधर अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते को लेकर इजराइल में चिंता बढ़ गई है। एक इजराइली अधिकारी ने आशंका जताई कि इससे ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग दबाव बनाने के साधन के रूप में करने का संदेश मिल सकता है।

